दूध पहुंचाने वाले बच्चे से BSF अफसर बनने तक का सफर, Deepak Lakhara ने UPSC CAPF में हासिल की AIR 106 रैंक
नई दिल्ली: कहते हैं कि बचपन में देखे गए सपने अगर दिल में बस जाएं, तो एक दिन वही जिंदगी की सबसे बड़ी मंजिल बन जाते हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है Deepak Lakhara की, जिन्होंने UPSC CAPF (AC) Examination 2025 में All India Rank 106 हासिल कर अपने बचपन के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
दीपक लखारा का BSF (Border Security Force) से रिश्ता किसी परीक्षा की तैयारी के साथ शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह जुड़ाव उनके बचपन से ही रहा है। उनका परिवार डेयरी फार्मिंग से जुड़ा है और वे जोधपुर स्थित BSF कैंपस में दूध की सप्लाई किया करते थे। उनका घर भी BSF Frontier Campus के काफी नजदीक है।
बचपन से BSF जवानों को करीब से देखते थे दीपक
बचपन में दीपक अक्सर BSF के जवानों को देखते थे। उनकी वर्दी, अनुशासन, ट्रेनिंग और जीवनशैली ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला।
दूध पहुंचाने के दौरान कई बार उन्हें कैंपस में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती थी। कभी-कभी खेलते हुए वह कैंपस के अंदर जाने की कोशिश भी करते थे और पकड़े जाने पर उन्हें सजा मिलती थी। बचपन की ऐसी कई छोटी-छोटी घटनाएं उनके BSF से जुड़ाव का हिस्सा बन गईं।
लेकिन एक घटना ने उनके मन में BSF को लेकर सोच को हमेशा के लिए बदल दिया।
जब BSF जवानों ने कहा- ‘जय हिंद, सर’
दीपक ने बताया कि एक दिन वह सफेद कपड़े पहनकर BSF कैंपस में दूध पहुंचाने गए थे। उसी समय ट्रेनिंग से लौट रहे कुछ रिक्रूट्स का एक समूह उनके पास से गुजरा।
अचानक उन रिक्रूट्स ने दीपक को देखकर कहा—“जय हिंद, सर।”
कुछ सेकंड के लिए दीपक हैरान रह गए। उनके लिए यह सामान्य अभिवादन नहीं था, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला पल था।
इसी घटना के बाद उनके मन में विचार आया कि एक दिन वह भी अधिकारी बनेंगे और उन्हीं जवानों का नेतृत्व करेंगे, जिन्हें वह बचपन से देखते आए हैं।
बचपन का सपना बना UPSC CAPF की तैयारी की प्रेरणा
समय के साथ दीपक बड़े हुए, लेकिन BSF से जुड़ा उनका बचपन का सपना उनके मन में बना रहा। उन्होंने UPSC CAPF परीक्षा की तैयारी की और आखिरकार CAPF 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 106 हासिल कर ली।
दीपक ने BSF को अपनी पहली प्राथमिकता (First Preference) रखा है। इसके पीछे उनके लिए सिर्फ नौकरी या करियर की वजह नहीं है, बल्कि BSF के साथ उनका बचपन से जुड़ा भावनात्मक रिश्ता है।
उनका कहना है कि वह केवल BSF में शामिल नहीं होना चाहते, बल्कि उस बल की सेवा करना चाहते हैं जिसे उन्होंने बचपन से बहुत करीब से देखा है।
‘दूध पहुंचाने से BSF अफसर बनने’ तक का सफर
दीपक लखारा की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनका BSF से रिश्ता एक अलग ही तरीके से शुरू हुआ। जिस कैंपस में वह बचपन में दूध पहुंचाने जाते थे, वहीं के जवानों को देखकर उनके मन में अधिकारी बनने का सपना पैदा हुआ।
आज UPSC CAPF 2025 में AIR 106 हासिल करने के बाद उनका वही सपना साकार होने की दिशा में है।
दीपक के लिए यह सिर्फ एक नौकरी पाने की कहानी नहीं है। यह उनके परिवार के सपने, बचपन की यादों और BSF के प्रति लंबे समय से मन में बसे सम्मान की कहानी है।
दूध पहुंचाने वाले एक बच्चे से BSF अधिकारी बनने का सपना देखने तक और फिर UPSC CAPF में AIR 106 हासिल करने तक का दीपक लखारा का सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो किसी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए वर्षों तक अपने सपने को दिल में संजोकर रखते हैं।

