CRPF जवानों में लोन और ऑनलाइन गेमिंग का जाल: बिना बताए लोन लेने पर होगी सख्त कार्रवाई, वेलफेयर निदेशालय ने जारी किया आदेश
नई दिल्ली: CRPF के जवानों द्वारा बिना विभाग को बताए अंधाधुंध लोन लेने और ऑनलाइन गेमिंग व शेयर ट्रेडिंग में सैलरी गंवाने के मामलों पर मुख्यालय ने कड़ी चिंता जताई है।
CRPF के Digcent (Welfare) Dte. की ओर से 23 सितंबर 2026 को सभी फॉर्मेशनों के लिए एक सख्त आदेश जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी ने पाया है कि अधिकांश जवान होम लोन, पर्सनल लोन, व्हीकल लोन और मोबाइल ऐप्स के जरिए तरह-तरह के लोन ले रहे हैं, लेकिन CCS (Conduct) Rules 1964 के Rule 18 (3) और Explanation-I के तहत अपने HOO/HOD को इसकी जानकारी नहीं दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर CCS आचरण नियमों का उल्लंघन है।
सैलरी से 90% EMI भी नहीं भर पा रहे जवान
रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कई जवान लोन लेने के बाद ऑनलाइन गेमिंग और इंट्राडे ट्रेडिंग में पैसा लगा रहे हैं। इसमें बड़ी रकम हारने के बाद वे दोबारा लोन ऐप्स से कर्ज ले रहे हैं। हालत यह है कि अब कई जवानों की पूरी सैलरी भी उनके बकाया लोन की 90% EMI चुकाने के लिए काफी नहीं है और वे अपनी मेहनत की कमाई से तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं।
विभाग का सख्त निर्देश
इसी को देखते हुए वेलफेयर निदेशालय ने सभी यूनिटों को निर्देश दिया है कि –
- सभी जवानों को पर्सनल लोन और अन्य गैर-जरूरी लोन लेने से बचने के लिए जागरूक (Sensitize) किया जाए।
- बिना सूचना के लोन लेना वित्तीय अनुशासनहीनता है।
- CCS (Conduct) Rules का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि CCS Rule 18 (3) के तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी को कोई भी लेन-देन या लोन लेने से पहले विभाग को सूचित करना अनिवार्य है।

