पुरानी पेंशन नहीं लौटेगी: केंद्र सरकार ने लोकसभा में किया साफ, 1 अप्रैल 2025 से UPS लागू
नई दिल्ली।*
केंद्रीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना *OPS* की बहाली का इंतजार खत्म होता दिख रहा है। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में स्पष्ट कर दिया कि *पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।*
वित्त राज्य मंत्री *पंकज चौधरी* ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में ये जानकारी दी।
*सरकार का बड़ा बयान: OPS पर कोई विचार नहीं*
चौधरी ने कहा कि *सरकारी खजाने पर अस्थिर वित्तीय देनदारी* के कारण केंद्र सरकार के पास OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित को देखते हुए सरकार ने *यूनिफाइड पेंशन स्कीम – UPS* शुरू की है। यह *1 अप्रैल, 2025 से एक विकल्प के रूप में लागू* हो चुकी है।
*क्या है UPS?*
UPS के तहत कर्मचारियों को ये लाभ मिलेंगे:
1. *सेवानिवृत्ति के बाद न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह* का निश्चित भुगतान
2. *महंगाई से जुड़े लाभ* – DA की तरह बढ़ोतरी
*5 राज्यों ने मांगी OPS में वापसी*
मंत्री ने बताया कि *राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश* की राज्य सरकारों ने केंद्र और PFRDA को सूचना दी है कि वे *NPS से OPS में वापस जाना चाहते हैं।*
हालांकि चौधरी ने कहा कि ये *राज्यों का नीतिगत फैसला* है। लेकिन PFRDA के नियमों के तहत *NPS में जमा कर्मचारियों का फंड या सरकारी अंशदान राज्य सरकारों को वापस ट्रांसफर करने का कोई प्रावधान नहीं है।*
*CAG ने भी जताई चिंता*
एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि *नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक CAG* ने अपनी रिपोर्ट में राज्यों द्वारा OPS वापस लेने के *वित्तीय निहितार्थों* को रेखांकित किया है।
*NPS क्या है?*
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली *NPS* 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद नौकरी में आए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक *परिभाषित योगदान आधारित योजना* है। सशस्त्र बल इसमें शामिल नहीं हैं।
सरकार ने NPS को बेहतर बनाने के लिए तत्कालीन वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति भी बनाई थी। उसी समिति की सिफारिशों के आधार पर अब *UPS* लाई गई है।
*रिपोर्ट: 11 अगस्त 2026*


Ye to sub ke kiye hona chahiye neta aur mantri ke liye bhi hona chahiye ups ya nps hamare liye hi kyu hamare liye vittiya bojh dikhta h ye log na GST na tol na mobile kharch sub to free chal raha h ye sub band hona chahiye jub jawano ke liye kuchh nahi to inake liye bhi band hona chahiye kisi ko bhi ops nahi hona chahiye sari subidhaye ye free le rahe h hamari bat ati h to vittiy bojh kya bat h bhai