CISF जवानों के लिए बड़ी राहत: पूर्वी सेक्टर की 35 इकाइयों में फिर शुरू होगा जोखिम भत्ता, 12 हजार से अधिक अधिकारी-जवान होंगे लाभान्वित
रांची: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में कार्यरत अधिकारियों और जवानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्वी सेक्टर रांची के अधीन आने वाली विभिन्न औद्योगिक एवं खनन इकाइयों में अप्रैल 2026 से बंद किया गया जोखिम भत्ता (Risk Allowance) अब दोबारा शुरू किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है और विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली स्थित CISF मुख्यालय को भेज दी गई है।
जानकारी के अनुसार, इस फैसले से लगभग 12 हजार राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारी और जवान लाभान्वित होंगे। इनमें कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के कर्मचारियों को प्रति माह 10,000 रुपये, जबकि सहायक कमांडेंट (AC) से लेकर डीआईजी स्तर तक के अधिकारियों को 17,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ते के रूप में दिए जाने का प्रस्ताव है।
अप्रैल से बंद था जोखिम भत्ता
पूर्वी सेक्टर रांची के अंतर्गत आने वाली करीब 35 छोटी-बड़ी CISF इकाइयों में अप्रैल 2026 से जोखिम भत्ता बंद कर दिया गया था। इनमें प्रमुख इकाइयां शामिल हैं:
- बीएसएल (बोकारो स्टील प्लांट)
- बीपीएससीएल
- बीसीसीएल, धनबाद
- सीसीएल, रांची एवं करगली
- टीटीपीएस, ललपनिया
- बीटीपीएस, बोकारो थर्मल
- सीटीपीएस, चंद्रपुरा
- डीवीसी पंचेत एवं मैथन
- पतरातू
- पिपरवार
- टंडवा
- कोडरमा
- हजारीबाग
- रांची
- गया
- बरौनी
- पटना सहित अन्य इकाइयां
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया जा रहा फैसला
जोखिम भत्ते की समीक्षा के लिए गठित समिति ने पूर्वी सेक्टर के सभी उप महानिरीक्षक (DIG), कमांडेंट तथा द्वितीय आरक्षित वाहिनी से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की। इन रिपोर्टों के आधार पर समिति ने निष्कर्ष निकाला कि इन क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी खतरे अब भी पहले जैसे बने हुए हैं।
रिपोर्ट में बताए गए प्रमुख खतरे
समिति की रिपोर्ट के अनुसार, CISF जिन क्षेत्रों में सुरक्षा प्रदान कर रही है वहां आज भी कई गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं, जिनमें शामिल हैं:
- आपराधिक घटनाएं
- सुरक्षा बलों पर हमले
- कोयला परिवहन में बाधा
- रंगदारी और आगजनी
- आईईडी विस्फोट की घटनाएं
- हथियार एवं विस्फोटकों की बरामदगी
- घने जंगल और दूरस्थ खनन क्षेत्र
- खराब सड़क संपर्क
- सीमित चिकित्सा सुविधाएं
- कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियां
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन परिस्थितियों में महिला और पुरुष CISF जवान लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अन्य CAPF को मिल रहा है जोखिम भत्ता
समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि रांची, बोकारो, धनबाद, करगली, पटना एवं आसपास के क्षेत्रों में समान परिचालन परिस्थितियों में तैनात CRPF, BSF, ITBP, SSB तथा इंडिया रिजर्व बटालियन के कर्मियों का जोखिम एवं कठिनाई भत्ता जारी है। ऐसे में केवल CISF कर्मियों का जोखिम भत्ता बंद रखना उचित नहीं माना गया।
दिल्ली मुख्यालय को भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट
पूर्वी सेक्टर रांची मुख्यालय ने समिति की संस्तुतियों सहित विस्तृत रिपोर्ट CISF मुख्यालय, नई दिल्ली को भेज दी है। अब अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद जोखिम भत्ते को पुनः लागू किए जाने की संभावना है।
हालांकि, CISF मुख्यालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश या अधिसूचना सार्वजनिक नहीं की गई है। अंतिम निर्णय और भुगतान की प्रक्रिया मुख्यालय की स्वीकृति के बाद ही लागू होगी। इसलिए इसे फिलहाल विभागीय प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

