कोलकाता मेट्रो की सुरक्षा संभालेगा CISF, गृह मंत्रालय ने दी सैद्धांतिक मंजूरी
नई दिल्ली / कोलकाता: कोलकाता मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (KMRCL) के नेटवर्क की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपने के लिए ‘सैद्धांतिक मंजूरी’ (In-principle approval) दे दी है।
गृह मंत्रालय के पुलिस-II प्रभाग द्वारा 2 सितंबर 2026 को जारी आदेश के बाद सीआईएसएफ महानिदेशालय ने तैनाती की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है।
सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए लिया गया फैसला गृह मंत्रालय के पत्र के अनुसार, कोलकाता मेट्रो रेल नेटवर्क की संवेदनशीलता और रणनीतिक महत्व को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने CISF की नियमित तैनाती को हरी झंडी दिखाई है। इस संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष/सीईओ को भी आधिकारिक सूचना भेजी गई है।
संयुक्त सर्वे के बाद तय होगी जवानों की संख्या तैनाती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सीआईएसएफ मुख्यालय (नई दिल्ली) ने 3 सितंबर 2026 को कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को आधिकारिक पत्र भेजा है:
- ज्वाइंट सर्वे बोर्ड का गठन: मेट्रो स्टेशनों और कॉरिडोर के सुरक्षा जोखिम (Risk Analysis/Threat Assessment) और आवश्यक मैनपावर का आकलन करने के लिए सीआईएसएफ और केएमआरसीएल के अधिकारियों का एक संयुक्त सर्वे बोर्ड गठित किया जाएगा।
- सर्वे शुल्क जमा करने का निर्देश: सीआईएसएफ नियमों (Rule-73) के तहत सर्वे शुरू करने से पहले तय प्रक्रियानुसार निर्धारित सर्वे शुल्क जमा कराने का अनुरोध किया गया है।
- कॉस्ट री-इंबर्समेंट मॉडल: दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर ही कोलकाता मेट्रो में भी सुरक्षा बल की तैनाती ‘लागत प्रतिपूर्ति’ (Cost Re-imbursement Basis) के आधार पर होगी, जिसका पूरा खर्च संबंधित प्रबंधन वहन करेगा।
आधुनिक गैजेट्स और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र से लैस होगी सुरक्षा सीआईएसएफ द्वारा साझा की गई शर्तों के अनुसार, सर्वे पूरा होने के बाद बल के जवानों और अधिकारियों (कांस्टेबल से लेकर पर्यवेक्षी अधिकारियों तक) की आवश्यक संख्या निर्धारित की जाएगी। मेट्रो परिसरों में क्विक रिएक्शन टीम (QRT), आधुनिक हथियारों, डॉग स्क्वॉड और जांच उपकरणों की तैनाती की रूपरेखा तैयार की जाएगी ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।

