CAPF में 46 IPS अधिकारियों की डेपुटेशन का मामला, सुप्रीम कोर्ट में 29 सितंबर को अहम सुनवाई
नई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की डेपुटेशन का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंच रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। मामला CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB में 23 मई 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद की गई IPS डेपुटेशन से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 की सुनवाई में केंद्र सरकार से पूछा था कि 23 मई 2025 के फैसले के बाद इन पांच CAPFs में Senior Administrative Grade (SAG) तक 46 IPS अधिकारियों को डेपुटेशन पर क्यों लाया गया। कोर्ट ने गृह मंत्रालय के सचिव से यह भी बताने को कहा था कि इन नियुक्तियों से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई गई और क्या संबंधित CAPFs की ओर से डेपुटेशन के लिए requisition भेजी गई थी।
गृह मंत्रालय की ओर से दाखिल जानकारी के अनुसार, 23 मई 2025 के बाद कुल 46 IPS अधिकारियों को इन पांच CAPFs में SAG स्तर तक डेपुटेशन पर भेजा गया। इनमें BSF में 13, CISF में 11, CRPF में 9, ITBP में 6 और SSB में 7 अधिकारी शामिल हैं। कुल 46 अधिकारियों में 2 SP, 26 DIG और 18 IG स्तर के अधिकारी बताए गए हैं।
केंद्र सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के 2025 के फैसले में IPS डेपुटेशन पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश नहीं दिया गया था। सरकार के अनुसार कोर्ट ने डेपुटेशन के लिए earmarked पदों की संख्या को समय के साथ कम करने की बात कही थी। सरकार ने यह भी कहा है कि संबंधित नियुक्तियां मौजूदा नियमों और संबंधित CAPFs के Directors General की requisition के आधार पर की गईं।
वहीं, CAPF कैडर अधिकारियों की ओर से दायर contempt petitions में इन डेपुटेशन को लेकर आपत्ति जताई गई है। उनका तर्क है कि इससे CAPF कैडर अधिकारियों के वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति और करियर progression प्रभावित होता है।
अब 29 सितंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट केंद्र के जवाब और 46 डेपुटेशन के संबंध में उठे सवालों पर आगे की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल यह मामला लंबित है और इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

