रातभर दर्द से तड़पती रही ITBP जवान की मां, बोलीं- समय पर सुनवाई होती तो हाथ कटने से बच जाता
कानपुर में इलाज के दौरान कथित लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। ITBP जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी ने आरोप लगाया है कि अस्पताल स्टाफ की अनदेखी और समय पर इलाज न मिलने के कारण उनका हाथ काटना पड़ा। निर्मला देवी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह पूरी रात दर्द से चिल्लाती रहीं, लेकिन ICU में किसी ने उनकी हालत पर ध्यान नहीं दिया।
निर्मला देवी ने बताया कि 13 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर बेटे विकास सिंह ने उन्हें टाटमिल चौराहे स्थित कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जांच के बाद उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया, जहां हाथ में वीगो लगाकर दवा चढ़ाई जा रही थी। इसी दौरान उनके हाथ में तेज दर्द शुरू हो गया।
पीड़िता के मुताबिक, दर्द बढ़ने पर वह रोने और चिल्लाने लगीं। इस दौरान एक स्टाफ आया और हाथ को कसकर बांधते हुए सफेद टेप लगा दिया। उसने कहा कि थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा। इसके बाद वह वहां से चला गया। निर्मला देवी का आरोप है कि इसके बाद भी दर्द लगातार बढ़ता गया, लेकिन पूरी रात कोई उन्हें देखने तक नहीं आया। सुबह तक उनका हाथ काला पड़ चुका था।
अगले दिन जब बेटा विकास सिंह अस्पताल पहुंचा तो मां की हालत देखकर हैरान रह गया। निर्मला देवी ने उसे पूरी बात बताई। इसके बाद वीगो हटवाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। हालत बिगड़ने पर विकास अपनी मां को पारस हॉस्पिटल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण फैलने की बात कहते हुए हाथ काटने का फैसला लिया।
निर्मला देवी ने पुलिस को बताया कि अगर समय रहते उनके दर्द को गंभीरता से लिया जाता और तुरंत इलाज किया जाता, तो शायद उनका हाथ बच सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही ने उनकी जिंदगी बदल दी।
इस घटना के बाद ITBP जवान विकास सिंह ने 19 मई को अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर कृष्णा अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने जांच CMO को सौंप दी थी। शुरुआती जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ITBP जवानों में नाराजगी बढ़ गई।
24 मई को ITBP के करीब 50 जवान अपने अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। बढ़ते दबाव के बाद CMO ने दोबारा जांच के आदेश दिए। नई जांच रिपोर्ट में दोनों अस्पतालों की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार को पुलिस टीम पारस हॉस्पिटल पहुंची, जहां भर्ती निर्मला देवी के बयान दर्ज किए गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

