NEET विरोध प्रदर्शन के दौरान RAF की कार्रवाई की होगी समीक्षा, डीजी CRPF बोले- 47 जवान भी हुए घायल
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कार्रवाई की केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) अब विस्तृत पेशेवर समीक्षा करेगा। CRPF के महानिदेशक (DG) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त होने और भीड़ के बिखरने के बाद बल मुख्यालय हर बड़े ऑपरेशन की तरह इस तैनाती का भी पोस्ट-इवेंट प्रोफेशनल असेसमेंट (Post-Event Assessment) करेगा।
यह पहला आधिकारिक बयान है, जो 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान RAF की कार्रवाई पर लगे आरोपों के बाद CRPF की ओर से सामने आया है।
हर पहलू की होगी जांच
डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि CRPF हर बड़े ऑपरेशन के बाद उसकी पेशेवर समीक्षा करती है और इस मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। समीक्षा पूरी होने के बाद बल मुख्यालय अपना आधिकारिक दृष्टिकोण साझा करेगा।
सूत्रों के अनुसार, इस समीक्षा में निम्न बिंदुओं की जांच की जाएगी—
- RAF की तैनाती और कार्रवाई की परिस्थितियां।
- दंगा नियंत्रण (Riot Control) के दौरान इस्तेमाल किए गए उपकरण।
- क्या कार्रवाई चरणबद्ध (Graded Response) और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप थी।
- क्या मौके की स्थिति बल प्रयोग को उचित ठहराती थी।
- क्या सभी कार्रवाई दंगा नियंत्रण मैनुअल के अनुसार की गई।
पेलेट गन इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ पेलेट (Pellet) दागे गए, जिससे तीन लोगों के घायल होने का दावा किया गया है।
CRPF की समीक्षा में यह भी देखा जाएगा कि ड्यूटी पर मौजूद किसी RAF कर्मी ने पेलेट चलाए थे या नहीं। यदि ऐसा हुआ, तो यह जांच होगी कि क्या वह कार्रवाई अधिकृत थी, परिस्थितियों के अनुरूप थी और क्या वह चरणबद्ध प्रतिक्रिया का हिस्सा थी।
47 RAF जवान भी हुए घायल
CRPF सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान RAF के 47 जवान घायल हुए। इनमें 6 जवानों के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि 4 जवानों को फ्रैक्चर हुआ है।
अधिकारियों का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ हिंसक तत्वों ने लोहे की रॉड और अन्य वस्तुओं से RAF कर्मियों पर हमला किया। बताया गया कि लोहे की रॉड क्षतिग्रस्त रेलिंग से निकाली गई थीं।
पोस्ट-इवेंट समीक्षा के दौरान घायल जवानों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे ताकि यह समझा जा सके कि उन्हें किस परिस्थिति में चोटें आईं।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया है कि उसके पास पंप एक्शन गन (Pump Action Gun – PAG) नहीं हैं। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, PAG और शॉक बैटन RAF के मानक दंगा नियंत्रण उपकरणों का हिस्सा होते हैं।
CRPF की यह समीक्षा केवल बल प्रयोग की वैधता ही नहीं, बल्कि पूरे ऑपरेशन की पेशेवर कार्यप्रणाली, परिस्थितियों, SOP के पालन और प्रदर्शन के दौरान जवानों तथा प्रदर्शनकारियों—दोनों पक्षों के घटनाक्रम का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करेगी। समीक्षा रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले पर CRPF का आधिकारिक निष्कर्ष सामने आएगा।
(SOURCE -TIMES OF INDIA )

