नई दिल्ली: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने रखी नए CISF मुख्यालय भवन की आधारशिला,₹136 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Bandi Sanjay Kumar ने बुधवार को सीजीओ कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के नए मुख्यालय भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने CISF के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कुल ₹136.03 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम में सांसद Bansuri Swaraj, गृह सचिव Govind Mohan, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक Tapan Kumar Deka, विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के वरिष्ठ अधिकारी, CPWD एवं SBI के अधिकारी, CISF के पूर्व महानिदेशक तथा बड़ी संख्या में बल के अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान CISF की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इनमें नई CISF मुख्यालय इमारत के निर्माण के लिए ₹75.78 करोड़ की परियोजना शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी (NISA), हैदराबाद में अधिकारियों के लिए “आदित्य” हॉस्टल (₹34.22 करोड़) और अत्याधुनिक प्रशिक्षण ब्लॉक “अभ्यास” (₹20.53 करोड़) का उद्घाटन किया गया। वहीं तमिलनाडु के शिवगंगई स्थित चौथी रिजर्व बटालियन परिसर में अधिकारियों के हॉस्टल का भी लोकार्पण किया गया, जिसकी लागत ₹5.50 करोड़ है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले CISF कर्मियों के परिवारों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत ₹1 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। साथ ही CISF संरक्षिका और भारतीय स्टेट बैंक के संयुक्त प्रयास से बल के दिव्यांग आश्रित बच्चों को विशेष रूप से डिज़ाइन की गई मोटराइज्ड व्हीलचेयर भी भेंट की गईं।

अपने संबोधन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने CAPF कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आयुष्मान CAPF, CAPFIMS, CAPF ई-आवास पोर्टल, प्रोजेक्ट MANN तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सुरक्षा बलों के जीवन स्तर और सुविधाओं में लगातार सुधार के लिए कार्य कर रही है।
CISF के महानिदेशक Praveer Ranjan ने अपने संबोधन में बताया कि बल की भूमिका लगातार विस्तृत हो रही है। उन्होंने साइबर सुरक्षा, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन क्षमताओं, ISPS कोड के तहत समुद्री सुरक्षा, उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण तथा हरियाणा के नूंह में CISF की पहली पूर्ण महिला रिजर्व बटालियन की स्वीकृति का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे देश में CISF आधुनिक तकनीक, नवाचार, कार्मिक कल्याण और देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है।
CISF के लिए यह आयोजन आधुनिकीकरण, कल्याण और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में बल को और अधिक सक्षम एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा।

