बदरीनाथ से लौट रहे 32 श्रद्धालुओं की बस के ब्रेक फेल ITBP के जांबाज जवानों ने सुरक्षित निकाला 32 जिंदगियों को बाहर
चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा होने से बाल-बाल बच गया। बदरीनाथ धाम से दर्शन कर हरिद्वार लौट रहे झारखंड के श्रद्धालुओं से भरी एक बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। लेकिन बस चालक की गजब की सूझबूझ और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जांबाज जवानों की त्वरित कार्रवाई से बस में सवार सभी 32 यात्री सुरक्षित बचा लिए गए हैं।
तीखे ढलान पर फेल हुए ब्रेक, मची चीख-पुकार
मिली जानकारी के अनुसार, कोणार्क टैक्सी सर्विस की यह बस झारखंड के 32 श्रद्धालुओं को लेकर बदरीनाथ धाम से हरिद्वार के लिए रवाना हुई थी। ये सभी श्रद्धालु पिछले एक सप्ताह से बदरीनाथ धाम में आयोजित एक धार्मिक कथा में शामिल होने आए थे। हरिद्वार पहुंचकर इन्हें ट्रेन के जरिए वापस अपने गृह राज्य लौटना था।
अभी बस ने बदरीनाथ से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय कर बैनाकुली (हनुमानचट्टी के पास) पहुंची ही थी कि एक तीखे ढलान पर अचानक गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए। ढलान होने की वजह से बस की रफ्तार तेजी से बढ़ने लगी और अनियंत्रित वाहन को देखकर यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।
ड्राइवर की सूझबूझ ने टाली बड़ी अनहोनी
सड़क के एक तरफ गहरी खाई थी और दूसरी तरफ पहाड़ी। खतरे की इस संवेदनशील घड़ी में बस चालक ने ठंडे दिमाग से काम लिया और अदम्य साहस का परिचय दिया। चालक ने अनियंत्रित हो चुकी बस को खाई की तरफ जाने देने के बजाय सीधे सड़क किनारे पहाड़ी की ओर मोड़ दिया। पहाड़ी से जोरदार टक्कर के बाद बस वहीं रुक गई। टक्कर के कारण बस के अगले हिस्से को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन खाई में गिरने से बच जाने के कारण एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
ITBP के जांबाज जवानों और स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात 23वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जांबाज जवान और स्थानीय नागरिक तुरंत एक्शन में आ गए। जवानों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
आईटीबीपी के हिमवीरों ने तत्परता दिखाते हुए क्षतिग्रस्त बस के भीतर फंसे सभी 32 यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। जवानों की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

