CISF में अग्रिम निधि (इम्प्रेस्ट फंड) के दुरुपयोग का मामला आया सामने, मुख्यालय ने शुरू की जांच
CISF में अग्रिम निधि राशि यानी इम्प्रेस्ट फंड (Imprest Fund) के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। यह मामला स्टील सेक्टर की इकाइयों से जुड़ा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार मामला सामने आने के बाद CISF मुख्यालय नई दिल्ली ने अपने स्तर से मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर SAIL मुख्यालय भी CISF को अदा की जाने वाली अग्रदाय निधि राशि की समीक्षा में जुट गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक SAIL प्रबंधन द्वारा CISF के DIG को सालाना 1 करोड़ रुपये का भुगतान इम्प्रेस्ट फंड के मद में किया जाता है। इसके अलावा 10 लाख रुपये की राशि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर ‘बड़ा खाना’ के आयोजन के लिए संबंधित इकाई के क्वार्टर मास्टर के माध्यम से दी जाती है।
नियम के अनुसार इस राशि का उपयोग जवानों व अधिकारियों के सामाजिक कल्याण, विभागीय सामग्री, जलपान व आहार पर खर्च किया जाना है। लेकिन अब इस राशि के उपयोग में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
आरोप है कि CISF के कुछ अधिकारी SAIL प्रबंधन द्वारा दी गई इस राशि का एक बड़ा हिस्सा अपने निजी कार्यों में इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे SAIL प्रबंधन पर वित्तीय बोझ लगातार बढ़ रहा है। चर्चा है कि इनमें कुछ ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं जो CISF की सेवा से रिटायर हो चुके हैं या जिनका तबादला स्टील सेक्टर से किसी दूसरे सेक्टर में हो चुका है।
इम्प्रेस्ट फंड में होगी कटौती, SAIL ने बनाया प्लान
डिजिटल युग में CISF की लगभग सभी विभागीय कार्यप्रणाली मैनुअल से ऑनलाइन हो गई है। ऐसे में कार्यालय तथा अन्य सेवाओं पर खर्च होने वाली राशि काफी कम हो गई है।
इसी को देखते हुए SAIL की अलग-अलग इकाइयों में CISF को दी जाने वाली अग्रिम निधि राशि में कटौती पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार –
- सालाना 1 करोड़ रुपये की इम्प्रेस्ट फंड राशि को घटाकर 30 लाख रुपये सालाना किया जा सकता है।
- 26 जनवरी और 15 अगस्त पर ‘बड़ा खाना’ कार्यक्रम के लिए दी जाने वाली 10 लाख रुपये की राशि को घटाकर 4 से 5 लाख रुपये किया जा सकता है।
SAIL प्रबंधन का मानना है कि इससे एक ओर जहां उसके वित्तीय खजाने पर संतुलन बना रहेगा, वहीं इम्प्रेस्ट फंड और बड़ा खाना की राशि के खर्च की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सकेगी।

