देश का पहला अस्पताल जिसकी सुरक्षा करेगी CISF, AIIMS जम्मू को माना गया संवेदनशील, स्थायी तैनाती की तैयारी
जम्मू: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जम्मू को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानते हुए इसकी सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो AIIMS जम्मू देश का पहला ऐसा अस्पताल बन सकता है, जिसकी नियमित सुरक्षा CISF की सशस्त्र टुकड़ी के जिम्मे होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू के सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र में स्थित AIIMS परिसर की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यहां सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की गई है। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सुरक्षा सर्वेक्षण और परिसर की सुरक्षा जरूरतों के आकलन के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब है AIIMS जम्मू
AIIMS जम्मू श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के किनारे विजयपुर में करीब 226.84 एकड़ में फैला हुआ है। यह परिसर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां यहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में AIIMS जम्मू का उद्घाटन किया था। अस्पताल के शुरू होने के बाद यहां बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही होती है।
सुरक्षा सर्वे के बाद तय होगी जवानों की संख्या
सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, AIIMS जम्मू की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा सर्वेक्षण किया जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर परिसर की सुरक्षा जरूरतों और आवश्यक CISF कर्मियों की संख्या का आकलन किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी CISF की तैनाती को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सुरक्षा सर्वेक्षण पूरा होने और संबंधित स्तर पर मंजूरी के बाद ही तैनाती की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
AIIMS जम्मू में स्थायी ड्यूटी की संभावना
अधिकारियों के मुताबिक, यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो AIIMS जम्मू में CISF की तैनाती स्थायी ड्यूटी के तौर पर हो सकती है। CISF देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों और परिवहन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करती है।
अस्पताल जैसे स्वास्थ्य संस्थान में CISF की इस तरह की नियमित तैनाती सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।
2008 मुंबई आतंकी हमलों के बाद अस्पतालों की सुरक्षा पर रहा है फोकस
अधिकारियों के अनुसार, 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद कई अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में सशस्त्र सुरक्षा बल की तैनाती की मांग उठती रही है। हालांकि, संभावित खतरों, सुरक्षा जरूरतों और CISF की सीमित उपलब्धता को देखते हुए ऐसे प्रस्तावों को सामान्य तौर पर मंजूरी नहीं दी गई।
मुंबई हमलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया था। इसके बाद अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर कई बार चर्चा हुई।
आरजी कर अस्पताल में भी CISF की तैनाती हुई थी
अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CISF को वहां अस्थायी रूप से तैनात किया गया था।
हालांकि, AIIMS जम्मू का मामला इससे अलग है। यहां संभावित CISF तैनाती का प्रमुख कारण अस्पताल की रणनीतिक और सीमा के निकट स्थित संवेदनशील लोकेशन बताई जा रही है।
कोलकाता मेट्रो के बाद अब AIIMS जम्मू पर नजर
CISF की जिम्मेदारियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। कोलकाता मेट्रो की सुरक्षा के लिए भी CISF की तैनाती की प्रक्रिया आगे बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में AIIMS जम्मू की सुरक्षा भी CISF को मिलने पर यह केंद्रीय बल के सुरक्षा दायरे में एक नया क्षेत्र जुड़ जाएगा।
हालांकि, AIIMS जम्मू में CISF की तैनाती को लेकर अंतिम फैसला सुरक्षा सर्वेक्षण और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

