एयरपोर्ट्स पर तैनात होंगे CISF के साइबर कमांडो, IIT Ropar देगा ट्रेनिंग
देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा को अब डिजिटल हमलों से भी बचाया जाएगा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल CISF अब एयरपोर्ट्स पर ‘साइबर कमांडो’ की तैनाती करने जा रहा है। इन कमांडो को IIT Ropar के IT एक्सपर्ट्स साइबर सुरक्षा की विशेष ट्रेनिंग देंगे।
क्यों उठाया गया ये कदम?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सामने आई ड्रोन और साइबर जैसी आधुनिक चुनौतियों को देखते हुए CISF अपनी पूरी सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक कर रहा है। अब तक CISF की जिम्मेदारी सिर्फ यात्रियों की चेकिंग और भौतिक सुरक्षा तक सीमित थी, लेकिन अब फोकस डिजिटल सुरक्षा पर भी होगा।
IIT Ropar निभाएगा अहम रोल
CISF ने अपनी साइबर क्षमता बढ़ाने के लिए IIT Ropar, IIT मद्रास, नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी और C-DAC जैसे प्रमुख संस्थानों से हाथ मिलाया है।
इन संस्थानों के विशेषज्ञ CISF के जवानों को बताएंगे कि कैसे:
- एयरपोर्ट के सर्वर और डेटा को हैकिंग से बचाया जाए
- पैसेंजर डेटा लीक को रोका जाए
- क्लाउड, AI और डिजिटल फॉरेंसिक का इस्तेमाल किया जाए
CISF का पूरा हाईटेक अपग्रेड
- ड्रोन वॉरियर्स: पहले ही 7,120 जवानों को ड्रोन और एंटी-ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
- एलीट QRT: 657 कमांडो की स्पेशल क्विक रिएक्शन टीम 49 एयरपोर्ट पर तैनात।
- साइबर कमांडो: अब नई यूनिट एयरपोर्ट के IT सिस्टम, टिकटिंग, लगेज और निगरानी सिस्टम को साइबर अटैक से बचाएगी।
CISF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “आज आतंकवाद सिर्फ बंदूक से नहीं लड़ा जाता। दुश्मन अब कीबोर्ड से हमला करता है। इसलिए हमें भी डिजिटल योद्धा तैयार करने होंगे।”
सरकार का मानना है कि इस नए सुरक्षा ढांचे से एयरपोर्ट्स की सुरक्षा और मजबूत होगी और CISF भविष्य के हर तरह के हमले के लिए तैयार रहेगा।

