बलिया में पूर्व CRPF जवान की हत्या, इसी साल लिया था VRS। बेटियों ने मांगी सुरक्षा; कहा- “पापा सम्मान के हकदार थे”
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र में पूर्व CRPF जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद उनका परिवार गहरे सदमे और दहशत में है। 10 सितंबर की रात पड़ोसियों के साथ हुए विवाद के दौरान अमरेश पर चाकू से कई वार किए गए। उन्हें बचाने पहुंचे उनके भाई मंजेश पर भी जानलेवा हमला किया गया। अस्पताल में अमरेश की मौत हो गई, जबकि मंजेश की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद परिवार में अब छह महिलाएं और दो बच्चे रह गए हैं। मृतक की बेटियों का कहना है कि उनके पिता ने देश की सेवा की थी और वह सम्मान के हकदार थे। परिवार ने आरोपियों से सुरक्षा का खतरा बताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
डेयरी फार्म पर हुआ हमला
मामला बेल्थरा रोड क्षेत्र के दोथ सोनाडीह गांव का है। बताया गया कि 10 सितंबर की रात करीब 9 बजे अमरेश बहादुर सिंह अपने डेयरी फार्म पर सो रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी गिरीश चंद्र अपने परिवार के सदस्यों के साथ वहां पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज के बाद विवाद बढ़ गया।
परिवार के अनुसार, अमरेश के बाहर आने के बाद आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। चाकू लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने पहुंचे उनके भाई मंजेश पर भी चाकू से हमला किया गया।
परिजन दोनों भाइयों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पूर्व CRPF जवान अमरेश बहादुर सिंह की मौत हो गई। मंजेश की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इसी साल लिया था VRS
अमरेश बहादुर सिंह ने इसी वर्ष 31 मार्च को CRPF से VRS लिया था। इसके बाद वह गांव लौटकर परिवार के साथ रह रहे थे। उन्होंने अपने भाई मंजेश के साथ मिलकर घर के पास डेयरी फार्म शुरू किया था।
अमरेश के परिवार में पत्नी कंचन सिंह और तीन बेटियां कृतिका, रितिका और रोशनी हैं। बड़ी बेटी कृतिका ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में है और अगले वर्ष उसकी शादी प्रस्तावित है। दूसरी बेटी रितिका BA प्रथम वर्ष में पढ़ रही है, जबकि सबसे छोटी बेटी रोशनी कक्षा 7 की छात्रा है।
अमरेश के भाई मंजेश का परिवार भी उनके साथ रहता था। मंजेश की पत्नी रंजना सिंह और उनके दो बेटे रुद्र प्रताप और ध्रुव प्रताप हैं।
बेटी ने बताई घटना की पूरी कहानी
मृतक की बेटी रितिका सिंह ने आरोप लगाया कि घटना वाली रात पड़ोसी परिवार के कई लोग उनके घर के बाहर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। उस समय गांव की बिजली भी गुल थी और चारों तरफ अंधेरा था।
रितिका के मुताबिक, उनके पिता ने बाहर आकर गाली देने का विरोध किया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि अपने परिवार को बचाने के दौरान उनके चाचा मंजेश भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने चाकू और अन्य हथियारों से हमला किया। घटना के बाद दोनों भाइयों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।
“अब हमारा सहारा कौन है?”
पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर बेटियां बेहद चिंतित हैं। रितिका ने कहा कि उनके परिवार में अब दो प्रमुख सहारे थे, जिनमें से पिता की मौत हो गई और चाचा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
परिवार ने आरोपियों से भविष्य में भी खतरा होने की आशंका जताई है। बेटियों ने प्रशासन से परिवार को सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रितिका ने भावुक होकर कहा कि उनके पिता ने देश की सेवा की थी और वह सम्मान के हकदार थे। परिवार का कहना है कि उनकी मां की तबीयत भी ठीक नहीं रहती और बड़ी बहन की शादी की जिम्मेदारी भी सामने है।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों में से तीन—शीला, सूरज और खुशी—को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं।
ASP उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें काम कर रही हैं। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
परिवार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

