लखनऊ में NHRC की 31वीं जोनल वाद-विवाद प्रतियोगिता, SSB हिंदी में प्रथम और CISF अंग्रेजी में अव्वल
लखनऊ। सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सीमान्त मुख्यालय, लखनऊ में शुक्रवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की 31वीं जोनल वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों ने मानवाधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे।
इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “सबसे बुरे संकट में भी मानवाधिकार वैकल्पिक नहीं है” रखा गया था। प्रतियोगिता में छह बलों के कुल 21 जवानों ने हिस्सा लिया और विषय के पक्ष एवं विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत किए।
हिंदी में SSB प्रथम, RPF दूसरे स्थान पर
हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में SSB ने पहला स्थान हासिल किया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) दूसरे और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) तीसरे स्थान पर रहा।
वहीं, अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता में CISF ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। SSB दूसरे और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) तीसरे स्थान पर रही।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रेणुका मिश्रा, महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, राजकुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, मानवाधिकार, उत्तर प्रदेश और डॉ. अखिलेश कुमार निगम, सेवानिवृत्त महानिरीक्षक शामिल रहे।
कार्यक्रम का आयोजन मीनू चौधरी, महानिरीक्षक, सीमान्त मुख्यालय SSB, लखनऊ की देखरेख में किया गया। उन्होंने प्रतिभागी जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।
प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीमों और सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। हिंदी और अंग्रेजी वर्ग में पहले एवं दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें NHRC की सेमीफाइनल वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी।
अधिकारियों और प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं जवानों में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अलग-अलग विचारों पर स्वस्थ संवाद को भी बढ़ावा देती हैं।

