औरंगाबाद में BSF जवान जयंत कुमार सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
औरंगाबाद। भारत-बांग्लादेश सीमा पर ड्यूटी के दौरान वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आकर दिवंगत हुए BSF जवान जयंत कुमार सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक शहर औरंगाबाद पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे शहर ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके आवास पहुंचा, परिजन, रिश्तेदार, स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। शोकाकुल माहौल के बीच लोगों ने अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।
‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा शहर
फार्म एरिया से निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग पर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जयंत कुमार सिंह अमर रहें’ जैसे नारों से वातावरण गूंजता रहा। लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपने वीर जवान को अंतिम सलाम किया।

ड्यूटी के दौरान वज्रपात की चपेट में आए थे जवान
जानकारी के अनुसार, बीएसएफ जवान जयंत कुमार सिंह की तैनाती बिहार के किशनगंज सीमा क्षेत्र में थी। ड्यूटी के दौरान वह अचानक वज्रपात की चपेट में आ गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। देश की सेवा करते हुए उनके निधन की खबर से परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
औरंगाबाद में बीएसएफ और जिला प्रशासन की मौजूदगी में जवान का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और हजारों नागरिकों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर वीर जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
पूरे शहर ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक संगठन और युवाओं ने भाग लिया। सभी ने देश के लिए समर्पित जवान के बलिदान को नमन करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जयंत कुमार सिंह की अंतिम विदाई ने पूरे शहर को भावुक कर दिया और हर आंख नम नजर आई।

