मणिपुर में तैनात CRPF जवान विनीत सिंह की संदिग्ध मौत, आत्महत्या के दावों से भड़के परिजन, शव रखकर लगाया जाम
लखनऊ/मणिपुर: मणिपुर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान विनीत सिंह (37) की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। विभाग की ओर से इसे आत्महत्या का मामला बताया गया है, लेकिन परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना के बाद लखनऊ में परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
मणिपुर में 112वीं बटालियन में थे तैनात
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पुरवा बाजीराव, जरौआ निवासी विनीत सिंह वर्तमान में मणिपुर के मोतबंग स्थित CRPF की 112वीं बटालियन में तैनात थे। उनका परिवार लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के सलेमपुर पतौरा में रहता है।
जवान की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात जब उनका पार्थिव शरीर लखनऊ स्थित आवास पहुंचा तो पत्नी नेहा सिंह, पिता देशराज सिंह, मां और भाई अनिल सिंह का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
विभाग ने बताया आत्महत्या, परिजनों ने किया विरोध
CRPF अधिकारियों के अनुसार, विनीत सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की। हालांकि परिजनों ने इस दावे पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बिना ठोस साक्ष्यों के इस निष्कर्ष को स्वीकार नहीं करेंगे।
परिवार का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
शव रखकर किया प्रदर्शन, सड़क जाम
विभागीय दावे से नाराज परिजनों ने बुद्धेश्वर फ्लाईओवर के पास शव रखकर चक्का जाम कर दिया। इसके चलते बुद्धेश्वर-दुबग्गा मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही पारा थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया।
परिजनों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने कई मांगें रखीं। उनका कहना है कि:
- जवान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तत्काल परिवार को उपलब्ध कराई जाए।
- घटना के समय का CCTV फुटेज, वीडियो और फोटोग्राफ्स परिजनों को दिए जाएं।
- मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सके।
पुलिस ने क्या कहा?
पारा थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि परिजनों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया गया तथा उनकी मांगों को संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है।
जांच का इंतजार
फिलहाल जवान की मौत को लेकर विभाग और परिजनों के दावों में अंतर बना हुआ है। मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
