भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी मामला: CISF के 7 जवान निलंबित, सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
दुर्ग/भिलाई: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करोड़ों रुपये मूल्य के करीब 250 टन लौह स्क्रैप और ऑस्ट्रेलियन कोक की कथित चोरी के मामले में अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भी बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही के आरोप में सीआईएसएफ के सात जवानों को निलंबित कर दिया गया है। सीआईएसएफ अधिकारियों ने निलंबन की पुष्टि की है, हालांकि कार्रवाई के कारणों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई भिलाई स्टील प्लांट में सामने आए बहुचर्चित स्क्रैप और कोक चोरी प्रकरण से जुड़ी हुई मानी जा रही है। मामले की विभागीय जांच अभी जारी है और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की गहन समीक्षा की जा रही है।
पहले बीएसपी अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई
इस मामले के सामने आने के बाद भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने विभागीय जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जीएम हिमांशु भूषण मलिक, इंजीनियर एसोसिएट मनोज कुमार देवांगन और नॉन-एग्जीक्यूटिव धनंजय वर्मा को निलंबित किया गया था।
इसके बाद दुर्ग पुलिस ने जीएम हिमांशु भूषण मलिक और इंजीनियर मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग पुलिस इस मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में बीएसपी के अधिकारी, नॉन-एग्जीक्यूटिव कर्मचारी, ट्रांसपोर्टर और सुपरवाइजर शामिल हैं। पुलिस लगातार इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और चोरी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
सीआईएसएफ जवानों से भी हुई पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ने भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के अधिकारियों और जवानों से भी पूछताछ की। पूछताछ के दायरे में आए एक निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों सहित कुल सात जवानों को निलंबित किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक विभागीय जांच में इन जवानों की भूमिका सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से लापरवाहीपूर्ण पाई गई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किसी जवान की चोरी में प्रत्यक्ष संलिप्तता मिली है या नहीं। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
दो वरिष्ठ अधिकारियों का पहले ही हो चुका है तबादला
इस मामले में इससे पहले भी सीआईएसएफ अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर चुकी है। अब सात जवानों के निलंबन के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर आगे भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
भिलाई स्टील प्लांट में हुए इस कथित करोड़ों रुपये के स्क्रैप चोरी प्रकरण ने सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पुलिस और संबंधित विभागों की जांच अभी भी जारी है।

