SSB को फिर से निभानी होगी अपनी ‘मूल भूमिका’, गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा – नेपाल-भूटान बॉर्डर पर स्थानीय लोगों से जुड़े बल
नई दिल्ली, 02 सितंबर 2026
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मंगलवार को सशस्त्र सीमा बल (SSB) को अपनी मूल भूमिका में लौटने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नेपाल और भूटान के साथ लगती खुली भारतीय सीमाओं की सुरक्षा करने वाला SSB बॉर्डर पर रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ जुड़कर सुरक्षा को और मजबूत करे।
गृह सचिव SSB के अलंकरण समारोह (Investiture Ceremony) में बोल रहे थे, जहां 18 जवानों और अधिकारियों को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए पदकों से सम्मानित किया गया।
क्या बोले गृह सचिव?
गोविंद मोहन ने कहा:
“SSB का गठन 1961-62 में हुआ था। शुरुआती दिनों में यह बल सीमावर्ती आबादी के साथ काम करता था, उनमें जागरूकता पैदा करता था और इंटेलिजेंस जुटाता था। हमने देखा कि नेपाल और भूटान जैसे मित्र देशों के साथ खुली सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा मिलने के बाद यह काम कुछ कम हो गया। गृह मंत्रालय में हमारी सोच है कि SSB को सीमा सुरक्षा के कार्यों के साथ-साथ अपनी मूल भूमिका को भी अपनाना चाहिए।“
तकनीक से मजबूत हो रही निगरानी
गृह सचिव ने इन दोनों सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए SSB की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बल फेशियल रिकॉग्निशन टूल्स, रडार और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक की मदद से इन सीमाओं को सुरक्षित कर रहा है।
उन्होंने कहा, “SSB इन सीमाओं पर मानव तस्करी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए ‘पैनी नजर’ रखता है और उन्होंने इन सीमाओं को सुरक्षित किया है।”
गौरतलब है कि SSB भारत-नेपाल की 1751 किमी लंबी खुली और बिना बाड़ वाली सीमा और भारत-भूटान की 699 किमी लंबी सीमा की सुरक्षा करता है।

