CRPF जवान से 24 लाख की कथित ठगी के बाद मौत का मामला, साथी हवलदार समेत तीन पर FIR
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के CTC (T&IT) कैंप में तैनात हवलदार भुवनेश्वर पाल की मौत के मामले में कथित वित्तीय धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। विभागीय जांच के बाद इस संबंध में साथी हवलदार समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
आरोप है कि भुवनेश्वर पाल को निवेश पर सालाना 60 प्रतिशत तक मुनाफे का भरोसा दिलाकर करीब 24 लाख रुपये निवेश कराए गए थे। इसके लिए उन्होंने 15 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया, जबकि करीब 9.8 लाख रुपये अपने भविष्य निधि (PF) खाते से निकाले थे। बाद में रकम वापस नहीं मिलने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ने का आरोप है।
13 अक्टूबर को तीन लोगों के खिलाफ FIR
इस मामले में CTC के उप प्राचार्य बृजेश कुमार दुबे की लिखित शिकायत पर रांची के विधानसभा थाने में 13 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
FIR में CRPF हवलदार योगेश चन्द्र उरांव, उनकी पत्नी पूनम कुमारी और मैसर्स रीपार्कल कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं CEO रोशन उरांव को आरोपित किया गया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 319(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस अवर निरीक्षक दिनेश कुमार को सौंपी गई है।
60% सालाना मुनाफे का दिया गया था भरोसा
शिकायत के अनुसार, CTC कैंप में तैनात हवलदार योगेश चन्द्र उरांव ने कथित तौर पर भुवनेश्वर पाल को लालगुटवा, नगड़ी स्थित मैसर्स रीपार्कल कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड में निवेश के लिए प्रेरित किया था।
आरोप है कि निवेश पर सालाना 60 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया। इसी भरोसे में भुवनेश्वर पाल ने अपनी बचत के साथ कर्ज लेकर भी बड़ी रकम निवेश कर दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऐसे जवानों को निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था, जिन्हें वित्तीय निवेश की ज्यादा जानकारी नहीं थी। इन आरोपों की सत्यता की जांच अब पुलिस कर रही है।
कंपनी के CEO और हवलदार की पत्नी के खाते में भेजी गई रकम
शिकायत में भुवनेश्वर पाल द्वारा करीब 24 लाख रुपये के लेन-देन का उल्लेख किया गया है। आरोप के मुताबिक, इनमें से 15 लाख रुपये कंपनी के CEO रोशन उरांव के खाते में, जबकि करीब 9 लाख रुपये हवलदार योगेश चन्द्र उरांव की पत्नी पूनम कुमारी के खाते में भेजे गए थे।
पूनम कुमारी झारखंड सरकार में शिक्षिका बताई गई हैं। पुलिस अब बैंक लेन-देन सहित यह जांच करेगी कि रकम किस उद्देश्य से ली गई, उसका इस्तेमाल कहां किया गया और पूरे मामले में आरोपित लोगों की क्या भूमिका रही।
विभागीय जांच के बीच कैंप से अनुपस्थित हुआ हवलदार
शिकायत में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम का जिक्र किया गया है। बताया गया है कि विभागीय जांच तेज होने के बाद हवलदार योगेश चन्द्र उरांव 3 अक्टूबर 2026 को अपने ममेरे भाई के साथ कैंप से निकला था।
आरोप है कि 4 अक्टूबर से वह बिना सूचना कैंप से अनुपस्थित है। इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
27 सितंबर को हुई थी भुवनेश्वर पाल की मौत
CRPF के CTC (T&IT), धुर्वा कैंप में तैनात हवलदार भुवनेश्वर पाल की 27 सितंबर 2026 को सर्विस राइफल से गोली लगने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद मामले की विभागीय जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान कथित निवेश और बड़ी रकम के लेन-देन की बात सामने आने के बाद मामला वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों तक पहुंच गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निवेश की रकम वापस नहीं मिलने से भुवनेश्वर पाल आर्थिक दबाव में थे और इस घटनाक्रम का उनकी मौत से संबंध हो सकता है।
हालांकि, मौत के कारणों, कथित धोखाधड़ी और आरोपित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
CRPF कैंप के भीतर निवेश के नाम पर लेन-देन पर उठे सवाल
मामले ने सुरक्षा बल के जवानों के बीच निजी निवेश योजनाओं और अत्यधिक मुनाफे का भरोसा देकर रकम जुटाने जैसे मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल विधानसभा थाना पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, निवेश से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और आरोपितों का पक्ष तथा जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं।

