CISF में शामिल हुए 200 नए अधिकारी, हैदराबाद में 76 असिस्टेंट कमांडेंट और 124 SI की पासिंग आउट परेड
हैदराबाद। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान नेशनल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एकेडमी (NISA), हैदराबाद में शनिवार को भव्य पासिंग आउट परेड (दीक्षांत परेड) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 39वें बैच के 76 असिस्टेंट कमांडेंट और नौवें बैच के 124 सब-इंस्पेक्टर (पूर्व सैनिक) सहित कुल 200 प्रशिक्षित अधिकारी औपचारिक रूप से CISF का हिस्सा बन गए।
तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने परेड की सलामी ली और नए अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह परेड अनुशासन, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के कंधों पर लगे सितारे केवल रैंक नहीं, बल्कि देश का विश्वास और जिम्मेदारी हैं।

CISF के अनुसार, इस वर्ष पास आउट हुए 76 असिस्टेंट कमांडेंट का चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की CAPF परीक्षा के माध्यम से हुआ है, जिनमें पांच महिला अधिकारी भी शामिल हैं। परेड का नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट मनीष कुमार राय ने परेड कमांडर के रूप में किया, जबकि असिस्टेंट कमांडेंट रोशनी देवी परेड की द्वितीय कमांडर रहीं। असिस्टेंट कमांडेंट सुमित लठवाल को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ तथा ‘ऑल राउंड बेस्ट’ का सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि बल वर्तमान में देशभर के 359 से अधिक संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि CISF का लक्ष्य भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बल को अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक प्रशिक्षण से लैस करना है।
ड्रोन और महिला कमांडो ट्रेनिंग पर विशेष जोर
CISF ने प्रशिक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राजस्थान के बहरोड़ स्थित RTC को गृह मंत्रालय ने ‘रिमोट पायलट ट्रेनिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया है। वहीं, बेंगलुरु की 10वीं रिजर्व बटालियन को महिला कमांडो और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) ट्रेनिंग के लिए समर्पित केंद्र बनाया गया है।
सेना और NSG के साथ संयुक्त प्रशिक्षण
भारतीय सेना और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के साथ संचालित ‘बैटल हार्डनिंग प्रोग्राम’ के तहत अब तक 2,643 जवानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वित्त वर्ष 2025-26 में 4,500 से अधिक कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि की गई है, जबकि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में 1,600 साइबर कमांडो तैयार किए गए हैं।
प्रतिष्ठित संस्थानों से साझेदारी
साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए CISF ने NIT, NFSU, IIT मद्रास और IIDM कांचीपुरम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौते किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान
हैदराबाद स्थित NISA आज एक अंतरराष्ट्रीय एक्सीलेंस सेंटर के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां श्रीलंका और नेपाल के अधिकारियों को भी आधारभूत संरचना सुरक्षा और सीमा सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था के लिए NISA को 2017-18 और 2020-21 में ‘केंद्रीय गृह मंत्री ट्रॉफी फॉर बेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2024 में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने भी इसे ‘उत्कृष्ट’ संस्थान के रूप में मान्यता दी थी।
किशनगंज में बनेगा नया क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र
प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार के लिए बिहार सरकार ने किशनगंज में CISF के सातवें क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु 110 एकड़ भूमि आवंटित की है। इससे बल के प्रशिक्षण ढांचे को और मजबूती मिलेगी।
कठिन प्रशिक्षण से तैयार हुए अधिकारी
नवनियुक्त असिस्टेंट कमांडेंट्स ने 57 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण पूरा किया है, जिसमें औद्योगिक सुरक्षा, विमानन सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा, अर्बन ऑपरेशंस और आधुनिक हथियारों के संचालन जैसे विषय शामिल थे। वहीं, सब-इंस्पेक्टर (पूर्व सैनिक) बैच ने 21 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा किया है। सभी अधिकारियों को कॉम्पीटेंसी-बेस्ड ट्रेनिंग पद्धति के तहत प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी त्वरित और सटीक निर्णय ले सकें।
इन नए अधिकारियों को अब सीपोर्ट सुरक्षा, जेल सुरक्षा और अन्य उभरती सुरक्षा चुनौतियों की जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार माना जा रहा है

