कोयला चोरी मामले में CISF के अधिकारियों-जवानों पर CBI की जांच तेज, दो दर्जन से अधिक लोग जांच के घेरे में
धनबाद: कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) में कथित कोयला चोरी और अवैध गतिविधियों से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने तेज कर दी है। इस मामले में CISF के दो अधिकारियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज किए जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है।
मामले में CISF के उप कमांडेंट ओम कुमार तनवर और इंस्पेक्टर राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसी सरकारी संपत्ति को कथित नुकसान पहुंचाने और कोयला चोरी से जुड़े नेटवर्क में संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल कर रही है।
दो दर्जन से ज्यादा CISF अधिकारी-जवान जांच के दायरे में
मिली जानकारी के मुताबिक, मामले की जांच में CISF के कमांडेंट, उप कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, इंस्पेक्टर और जवानों समेत दो दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में बताई जा रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि BCCL क्षेत्र में कथित कोयला चोरी के नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी और क्या किसी CISF अधिकारी या जवान ने अपने पद का इस्तेमाल कर अवैध गतिविधियों को मदद पहुंचाई।
हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने तक किसी भी अधिकारी या जवान को दोषी नहीं माना जा सकता।
गोपनीय रिपोर्ट के बाद बढ़ी कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, CISF के तत्कालीन अपर महानिदेशक कुंदन कृष्णन की ओर से कोयला चोरी से जुड़े मामलों में एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर CISF मुख्यालय को भेजे जाने की बात सामने आई है। बताया गया है कि इस रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर जानकारी दी गई थी।
इसके बाद मामले में जांच और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। जांच प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर कुछ संदिग्ध अधिकारियों और जवानों के तबादले भी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अलग-अलग इकाइयों में तैनात अधिकारियों पर भी नजर
जांच के दायरे में बताए जा रहे कई अधिकारी और जवान फिलहाल CISF की अलग-अलग इकाइयों में तैनात हैं। इसके बावजूद CBI उनके पुराने कार्यकाल और कथित गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड, संपर्कों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मामले में BCCL क्षेत्र में कोयला चोरी से जुड़े कथित नेटवर्क और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भी जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ
CBI की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि कथित कोयला चोरी में कौन-कौन लोग शामिल थे और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में उनकी क्या भूमिका रही। CISF के अधिकारियों और जवानों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की वास्तविकता भी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद मामले में कानूनी और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

