BSF को मिल सकती हैं नई जिम्मेदारियां, सीमा सुरक्षा की अवधारणा में होगा बड़ा बदलाव: अमित शाह
भुज (गुजरात): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को संकेत दिया कि केंद्र सरकार भविष्य में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपने पर विचार कर रही है। साथ ही, BSF के 60वें स्थापना वर्ष के अवसर पर “बॉर्डर सिक्योरिटी” की मौजूदा अवधारणा को बदलकर “टेरिटोरियल सिक्योरिटी” (क्षेत्रीय सुरक्षा) की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है।
अमित शाह ने गुजरात के कच्छ जिले के भुज क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान सीमा पर नव निर्मित G-7 और G-13 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) का उद्घाटन करने के बाद BSF जवानों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत BSF, सेना, स्थानीय पुलिस, नागरिक प्रशासन और आम जनता को जोड़कर एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था में BSF की भूमिका नेतृत्वकारी रहेगी।
गृह मंत्री ने बताया कि स्मार्ट बॉर्डर सुरक्षा परियोजना के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं पर हजारों करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुरक्षा तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसमें ड्रोन, रडार, वॉच टावर और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे सीमा में घुसपैठ की किसी भी कोशिश को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।
शाह ने कहा कि सरकार BSF को भविष्य में नई जिम्मेदारियां देने पर गंभीरता से विचार कर रही है, हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने हरामी नाला और सर क्रीक क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि गृह मंत्री बनने के बाद सुरक्षा समीक्षा के दौरान यह क्षेत्र संवेदनशील पाया गया था। इसके बाद यहां सड़क, वॉच टावर, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, आवास और फेंसिंग जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया गया। शाह के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अगले दो वर्षों में यह पूरा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।
गृह मंत्री ने BSF जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गुजरात की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि एक समय यह सीमा क्षेत्र तस्करी और विस्फोटक सामग्री की घुसपैठ के लिए बदनाम था, लेकिन BSF की सतर्कता से स्थिति में बड़ा सुधार आया है।
पश्चिम बंगाल सीमा पर अधूरी फेंसिंग को देश की सुरक्षा में सबसे बड़ी कमजोरी बताते हुए शाह ने कहा कि हाल ही में बनी भाजपा सरकार ने फेंसिंग के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का सिद्धांततः निर्णय लिया है। उन्होंने दावा किया कि फेंसिंग पूरी होने के बाद अवैध घुसपैठ पर बड़े स्तर पर रोक लग सकेगी।
शाह ने कहा कि जंगलों, नदियों और नदी तटीय क्षेत्रों में भी तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे सीमाओं को और अधिक अभेद्य बनाया जा सके।

