BSF जवान मुकेश राठौड़ का निधन: सड़क हादसे के बाद मौत, 8 महीने पहले हुई थी शादी, पत्नी गर्भवती; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
जैसलमेर, 19 जुलाई
जम्मू-कश्मीर में तैनात राजस्थान के जैसलमेर जिले के BSF जवान मुकेश राठौड़ की 8 दिन तक जिंदगी से जूझने के बाद निधन हो गया । 16 जुलाई को उन्होंने जोधपुर में अंतिम सांस ली। शनिवार को उनके पैतृक गांव नग्गा में पूरे राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
मुकेश के निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर है। सबसे बड़ा दुख यह है कि उनकी शादी को महज 8 महीने ही हुए थे और पत्नी गर्भवती हैं।
2 किमी लंबी तिरंगा यात्रा के साथ हुआ अंतिम संस्कार
शनिवार को जवान मुकेश का पार्थिव शरीर BSF के वाहन में उनके गांव नग्गा लाया गया। यहां से करीब 2 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। पूरा इलाका ‘भारत माता की जय’ और ‘मुकेश अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा।
राजकीय सम्मान के बाद पिता भजनाराम ने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद हर आंख नम थी। गर्भवती पत्नी पति का पार्थिव शरीर देखकर बेसुध हो गईं। परिवार की महिलाओं ने उन्हें संभाला। अंतिम दर्शन के समय उन्होंने कांपते हाथों से पति को पुष्पमाला अर्पित की।
8 जुलाई को हुआ था भीषण हादसा
परिजनों के अनुसार, मुकेश 29 जून को छुट्टी लेकर गांव आए थे। 8 जुलाई को मोकला के पास उनकी बाइक एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
पहले उन्हें जैसलमेर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जोधपुर रेफर कर दिया गया। जोधपुर में 8 दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन 16 जुलाई को उन्होंने दम तोड़ दिया।
2022 में BSF में हुए थे भर्ती
मुकेश राठौड़ वर्ष 2022 में BSF में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। पिता भजनाराम ने खेती-किसानी कर उन्हें पढ़ाया-लिखाया।
मुकेश की मां का पहले ही निधन हो चुका है। पिछले साल नवंबर में उनकी शादी हुई थी। अब मुकेश की मौत के बाद घर में मातम पसर गया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गांव और आसपास के लोग शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सभी ने सरकार से शहीद परिवार को हर संभव मदद देने की मांग की है।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि 🙏

