गृह मंत्री अमित शाह ने BSF के लिए ₹77.06 करोड़ की परियोजनाओं का किया शुभारंभ, स्मार्ट बॉर्डर पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर बंगाल के संवेदनशील भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र का दौरा कर सीमा सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के लिए ₹77.06 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया और आधुनिक स्वदेशी सीमा सुरक्षा तकनीकों का निरीक्षण किया।
गृह मंत्री अमित शाह ने फुलबाड़ी सीमा चौकी के जुमागाछ क्षेत्र स्थित BSF की 18वीं बटालियन के बेस कैंप का दौरा किया। यहां उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात की, वॉच टॉवर का निरीक्षण किया और एक पौधारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया।
₹77.06 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
दौरे के दौरान अमित शाह ने कुल ₹77.06 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें—
- ₹47 करोड़ की लागत से BSF की तीन नई आधारभूत परियोजनाओं का शिलान्यास।
- ₹30 करोड़ की लागत से नव-अधिग्रहित भूमि पर दो सीमा चौकियों के लिए लगभग 4 किलोमीटर लंबी सीमा बाड़ (Border Fencing) के निर्माण की आधारशिला।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना तथा जवानों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
आधुनिक तकनीकों का किया निरीक्षण
गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा में उपयोग की जा रही कई अत्याधुनिक और स्वदेशी तकनीकों का निरीक्षण किया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- रेडियो आधारित फेंस ब्रीच डिटेक्शन सिस्टम, जो सीमा बाड़ से छेड़छाड़ होते ही स्वतः अलर्ट जारी करता है और रिकॉर्डेड संदेश के माध्यम से जवानों को तुरंत सूचना देता है।
- इन्फ्रारेड अलार्म सिस्टम, जो नदी, नालों और कठिन भूभाग वाले क्षेत्रों में घुसपैठ की कोशिश होने पर तत्काल चेतावनी देता है।
- गेट मैनेजमेंट सिस्टम, जिससे भारत-बांग्लादेश सीमा पर किसानों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
स्मार्ट बॉर्डर” से घुसपैठ रोकने की तैयारी
BSF के प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की सीमाओं को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार ‘स्मार्ट बॉर्डर’ की अवधारणा पर काम कर रही है, जिसके माध्यम से आधुनिक तकनीक का उपयोग कर घुसपैठ को प्रभावी ढंग से रोका जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों और उनके परिवारों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा पर विशेष फोकस
गृह मंत्री का यह दौरा रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Chicken’s Neck) के मद्देनजर भी अहम माना जा रहा है। लगभग 17 से 22 किलोमीटर चौड़ी यह भूमि पट्टी भारत के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला एकमात्र स्थलीय संपर्क मार्ग है।
यह क्षेत्र नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और चीन के निकट स्थित होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
सीमा पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने, संवेदनशील क्षेत्रों में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था (Three-tier Fencing) विकसित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर आधुनिक उपकरणों का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में नई आपराधिक कानून व्यवस्था, सीमा प्रबंधन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित कई प्रशासनिक विषयों पर भी राज्य सरकार एवं केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
दौरे के दौरान BSF महानिदेशक प्रवीण कुमार, NIA महानिदेशक राकेश अग्रवाल, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, गृह सचिव संघमित्रा घोष, राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता सहित BSF, खुफिया ब्यूरो और राज्य प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अमित शाह अपने तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के तहत शनिवार शाम को कोलकाता रवाना हुए, जहां वे कानून-व्यवस्था की समीक्षा सहित विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

