CRPF में 5 साल में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं, 2025 में 59 जवानों ने दी जान; 80% कांस्टेबल रैंक के
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल CRPF में आत्महत्या के मामले बीते 5 साल में सबसे ज्यादा दर्ज किए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक साल 2025 में CRPF के 59 जवानों ने आत्महत्या की। इनमें 80% से ज्यादा जवान कांस्टेबल रैंक के थे।
गुरुवार को मिले आंकड़ों के अनुसार 2021 से 2025 के बीच CRPF में कुल 262 जवानों ने आत्महत्या की। इसमें से 202 यानी 77% से ज्यादा मामले ड्यूटी के दौरान हुए, जबकि बाकी छुट्टी पर होने के दौरान।
पिछले 5 साल का आंकड़ा
- 2025: 59 आत्महत्याएं – 5 साल में सबसे अधिक
- 2021-2025 कुल: 262 मामले
- ड्यूटी पर: 202 मामले
- छुट्टी पर: 60 मामले
सूत्रों ने बताया कि आत्महत्या करने वालों में सबसे बड़ी संख्या कांस्टेबल रैंक के जवानों की है। कुल मामलों में 80% से ज्यादा इसी रैंक के हैं।
CRPF ने क्या कदम उठाए?
इस संबंध में CRPF की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने PTI को बताया कि जवानों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय शुरू किए गए हैं और यह प्रक्रिया लगातार जारी है।
बल में तनाव प्रबंधन, काउंसलिंग, योग और छुट्टियों में नियमितता जैसे कदमों पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जवानों को मानसिक मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।
देश की आंतरिक सुरक्षा और नक्सल व आतंकवाद विरोधी अभियानों में सबसे आगे रहने वाले CRPF के लिए यह आंकड़ा चिंता का विषय है।
(PTI)

