UPS पर सरकार का बड़ा बयान: 1.18 लाख कर्मचारियों ने चुना यूनिफाइड पेंशन स्कीम, बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं
नई दिल्ली, 3 अगस्त 2026।
केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में फिलहाल किसी भी प्रकार के बदलाव या इसे किसी अन्य पेंशन व्यवस्था से बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
सरकार के अनुसार, 24 जनवरी 2025 को अधिसूचित UPS को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में लागू किया गया था। यह योजना 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हुई।
सरकार ने बताया कि 19 जुलाई 2026 तक 1,18,195 पात्र कर्मचारियों (नए कर्मचारी, मौजूदा कर्मचारी और पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारी) ने UPS को अपनाने का विकल्प चुना है।
UPS की समीक्षा अभी नहीं
सरकार ने कहा कि UPS को लागू हुए अभी अधिक समय नहीं हुआ है, इसलिए इसकी कार्यान्वयन और प्रदर्शन की समीक्षा अब तक नहीं की गई है।
लोकसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार, कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों के सुझावों के आधार पर सरकार ने कई राहतें दी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- UPS चुनने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 की गई।
- UPS चुनने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी का लाभ दिया गया।
- सेवा के दौरान मृत्यु या चिकित्सीय कारणों से सेवा समाप्त होने की स्थिति में CCS (Pension) Rules, 2021 तथा CCS (Extraordinary Pension) Rules, 2023 के तहत उपलब्ध लाभों का विकल्प दिया गया।
- NPS की तरह UPS पर भी कर (Tax) लाभ उपलब्ध कराए गए।
- UPS चुनने वाले कर्मचारियों को एक बार NPS में वापस लौटने (One-time switch back) की सुविधा भी प्रदान की गई।
UPS में बदलाव की कोई योजना नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया कि UPS, NPS के अंतर्गत एक वैकल्पिक पेंशन व्यवस्था है और वर्तमान में इसमें संशोधन करने या इसे समाप्त/प्रतिस्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा UPS और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर लगातार चर्चा और मांगें उठाई जा रही हैं। हालांकि, सरकार ने संसद में स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल UPS व्यवस्था यथावत जारी रहेगी।

