CRPF डीआईजी बी.सी. पात्रा निलंबित: CAPF विधेयक के विरोध और सोशल मीडिया पोस्ट पर बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली, 24 जून। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी, उप महानिरीक्षक (DIG) बी.सी. पात्रा को कथित रूप से सरकार विरोधी सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 को लेकर जारी विवाद के बीच हुई है, जिसे CAPF कैडर अधिकारियों का एक वर्ग भेदभावपूर्ण मानता रहा है।
सूत्रों के अनुसार, त्रिपुरा सेक्टर मुख्यालय, अगरतला में तैनात 1994 बैच के CRPF कैडर अधिकारी बी.सी. पात्रा को केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत प्रारंभिक जांच पूरी होने तक निलंबित किया गया है।
अधिकारियों का दावा है कि पात्रा ने सोशल मीडिया मंच पर कुछ ऐसी दृश्य-श्रव्य और तस्वीरों वाली सामग्री साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर CAPF विधेयक के पारित होने के दौरान कानूनी रूप से चुनी गई सरकार को बदलने जैसी बातें कही गई थीं। इसी आधार पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
CRPF के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि बल के सभी वर्दीधारी अधिकारी कानून, सेवा नियमों और ली गई शपथ से बंधे हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कृत्य से कानून के अनुसार निपटा जाएगा।
हालांकि, मामले से जुड़े कुछ अधिकारियों ने इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण और अनुचित बताया है। उनका आरोप है कि बी.सी. पात्रा उन प्रमुख याचिकाकर्ताओं में शामिल रहे हैं, जिन्होंने CAPF कैडर अधिकारियों की पदोन्नति और IPS अधिकारियों के समान सेवा अधिकारों से जुड़े मामलों को अदालतों में चुनौती दी थी।
PTI न्यूज़ एजेंसी को एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि पात्रा को उनके वैधानिक अधिकारों के लिए लड़ी गई कानूनी लड़ाई की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि न्यायालयों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लगभग दो दर्जन अन्य अधिकारियों के भी हाल ही में जल्दबाजी में तबादले किए गए हैं।
गौरतलब है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में लगभग 10 लाख कर्मी कार्यरत हैं, जबकि नेतृत्व स्तर पर करीब 15 हजार कैडर अधिकारी तैनात हैं। ऐसे में यह मामला CAPF कैडर अधिकारियों और प्रतिनियुक्ति पर आने वाले IPS अधिकारियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सेवा संबंधी विवाद को एक बार फिर चर्चा में ले आया है।
फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
(SOURCE -PTI)

