SSB जवान करतार सिंह गुर्जर का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई; ढाई साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
भरतपुर के बयाना उपखंड के सूपा गांव निवासी 32 वर्षीय SSB जवान करतार सिंह गुर्जर का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। करतार सिंह उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में नेपाल सीमा के पास SSB की 62वीं बटालियन में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 16 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली।
सोमवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ उनके पैतृक गांव सूपा पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की आंखें नम हो गईं और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
ढाई साल के बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि
करतार सिंह का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान SSB के जवानों और अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अंतिम विदाई का सबसे भावुक दृश्य उस समय सामने आया, जब करतार सिंह के ढाई वर्षीय बेटे प्रियांक ने अपने चाचा की गोद में बैठकर अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद परिजन और ग्रामीण भावुक हो उठे।
2017 में SSB में हुए थे भर्ती
पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष बलराम कांवर के अनुसार, करतार सिंह वर्ष 2017 में SSB में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे श्रावस्ती में नेपाल सीमा के पास SSB की 62वीं बटालियन में सेवाएं दे रहे थे।
बताया गया कि 11 अगस्त को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 16 अगस्त को उनका निधन हो गया।
पत्नी, बेटी और बेटे को छोड़ गए पीछे
करतार सिंह के परिवार में पत्नी बिशना, पांच वर्षीय बेटी मधु और ढाई वर्षीय बेटा प्रियांक हैं। वे चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके दो बड़े भाई भी SSB में कार्यरत हैं।
करतार सिंह के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का सुरक्षा बलों से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। जवान की अंतिम विदाई के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
करतार सिंह की देश सेवा और कर्तव्य के प्रति समर्पण को ग्रामीणों ने नमन किया। तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह को अंतिम विदाई देते समय पूरा गांव गमगीन नजर आया।

