सड़क हादसे के साढ़े तीन महीने बाद BSF जवान राकेश मीणा का निधन, स्वतंत्रता दिवस पर ली अंतिम सांस
राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के रहने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान राकेश कुमार मीणा का सड़क हादसे के करीब साढ़े तीन महीने बाद निधन हो गया। उन्होंने 15 अगस्त को उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। रविवार को उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव पीपलोदा का बास पहुंची, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह पहुंची गांव
राकेश कुमार मीणा की पार्थिव देह गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। तिरंगे में लिपटे जवान को देखकर परिवार और ग्रामीण भावुक हो गए। उनकी पत्नी मिथलेश का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
इसके बाद जवान के घर से श्मशान घाट तक करीब एक किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान भारत माता की जय और राकेश मीणा अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
BSF ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
श्मशान घाट पर BSF के जवानों ने अपने साथी जवान को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राकेश मीणा की अंतिम यात्रा में BSF के इंस्पेक्टर सदीक खान, हेड कॉन्स्टेबल हेमराज सिंह, कॉन्स्टेबल राकेश कुमार मीणा, व्हीकल मैकेनिक अजय कुमार और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार सहित कई जवान शामिल हुए।
16 वर्षीय बेटे अंशु ने दी मुखाग्नि
राकेश कुमार मीणा के दो बेटे हैं। बड़े बेटे अंशु मीणा की उम्र 16 वर्ष और छोटे बेटे अभिमन्यु मीणा की उम्र 12 वर्ष है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़े बेटे अंशु ने पिता की पार्थिव देह को सेल्यूट किया और मुखाग्नि दी। यह भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
राकेश के पिता बंशीधर मीणा का पहले ही निधन हो चुका था। उनके निधन से परिवार पर एक और बड़ा दुख टूट पड़ा है।
2011 में BSF में हुए थे भर्ती
राकेश कुमार मीणा वर्ष 2011 में BSF में कॉन्स्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। उनकी पहली तैनाती बेंगलुरु में हुई थी। वर्तमान में वह जम्मू-पलौड़ा क्षेत्र में सेवाएं दे रहे थे और DIG मुख्यालय से संबंधित ड्यूटी भी कर रहे थे।
29 अप्रैल को हुआ था सड़क हादसा
परिजनों के अनुसार, 29 अप्रैल को राकेश कुमार मीणा राजकीय कार्य से सीकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी बाइक के सामने अचानक कुत्ता आ गया, जिससे बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उन्हें सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए फरीदाबाद के एशियन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। करीब साढ़े तीन महीने तक उनका इलाज चला। 15 अगस्त को उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और शाम तक उनका निधन हो गया।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में खंडेला विधायक सुभाष मील, पूर्व मंत्री बंशीधर बाजिया, निवर्तमान प्रधान डॉ. गिरिराज सिंह सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
राकेश मीणा की अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने गांव के वीर सपूत को विदाई दी और उनके सम्मान में जयघोष किया।

