मणिपुर में तैनात CRPF जवानों के लिए दिल्ली से सीधी Air Courier सर्विस शुरू करने का प्रस्ताव,CRPF ने गृह मंत्रालय को भेजी जानकारी
नई दिल्ली: मणिपुर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों और अधिकारियों के लिए आने वाले समय में हवाई यात्रा और सरकारी सामान की आवाजाही आसान हो सकती है। CRPF ने मणिपुर के लिए दो नए एयर कूरियर सर्विस (ACS) रूट शुरू करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय के सामने रखा है। प्रस्ताव में दिल्ली-इंफाल-दिल्ली और दिल्ली-सिलचर-दिल्ली रूट शामिल हैं।
यह व्यवस्था मंजूर होने पर मणिपुर में तैनात सुरक्षाबलों को दिल्ली से सीधी एयर कनेक्टिविटी का अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा। फिलहाल इस क्षेत्र में जवानों की आवाजाही के लिए कोलकाता आधारित एयर कूरियर रूट भी इस्तेमाल किए जाते हैं।
मार्च 2026 में CRPF ने भेजा था प्रस्ताव
आधिकारिक कम्युनिकेशन के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, CRPF महानिदेशालय ने मार्च 2026 में इन दोनों नए रूटों के लिए गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव पर विचार करते हुए गृह मंत्रालय ने CRPF से यह स्पष्ट करने को कहा है कि इन नए रूटों की जरूरत क्यों है और इनके लिए विस्तृत गैप एनालिसिस यानी मौजूदा व्यवस्था और वास्तविक जरूरत के बीच अंतर का अध्ययन किया गया है या नहीं।
गृह मंत्रालय ने प्रस्तावित एयर कूरियर सेवा के प्रभाव को मौजूदा रूटों के संदर्भ में भी देखने को कहा है।
पुराने कोलकाता रूट की भी होगी समीक्षा
मंत्रालय ने इस बात की समीक्षा करने को कहा है कि दिल्ली से नई कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद मौजूदा एयर कूरियर रूटों की कितनी आवश्यकता रह जाएगी।
इसके तहत कोलकाता-इंफाल-कोलकाता और कोलकाता-आइजोल-सिलचर-कोलकाता रूटों की उपयोगिता का दोबारा आकलन किया जा रहा है। आशंका यह है कि दिल्ली-इंफाल-दिल्ली सेवा शुरू होने पर कुछ जवान कोलकाता के बजाय दिल्ली से यात्रा करना पसंद कर सकते हैं।
इसलिए नई और मौजूदा सेवाओं के बीच संतुलन बनाने तथा एयर कूरियर नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मणिपुर में तैनात जवानों को क्या फायदा होगा?
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो मणिपुर में तैनात CRPF जवानों और अधिकारियों को कई स्तरों पर फायदा हो सकता है।
पहला फायदा, जवानों को दिल्ली से मणिपुर आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त सीधा विकल्प मिल जाएगा। इससे ड्यूटी ज्वाइन करने और छुट्टी के दौरान घर लौटने की यात्रा आसान और समय बचाने वाली हो सकती है।
दूसरा, सरकारी दस्तावेज, जरूरी उपकरण और अन्य आधिकारिक सामग्री की आवाजाही भी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।
तीसरा, इससे मणिपुर में तैनात बलों की कोलकाता आधारित एयर कनेक्टिविटी पर निर्भरता कम हो सकती है।
बढ़ी हुई तैनाती के बीच महत्वपूर्ण प्रस्ताव
मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछले कुछ समय में CRPF की तैनाती और ऑपरेशनल गतिविधियों पर जोर बढ़ा है। वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ CRPF की एंटी-नक्सल यूनिट CoBRA की मौजूदगी भी बढ़ाई गई है।
ऐसे में जवानों की तेज और भरोसेमंद आवाजाही के लिए एयर कनेक्टिविटी का महत्व और बढ़ जाता है। विशेष रूप से संवेदनशील और दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात बलों के लिए समय पर मूवमेंट ऑपरेशनल तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी
CRPF का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को उपलब्ध एयर कूरियर व्यवस्था की तर्ज पर पूर्वोत्तर में भी क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
मणिपुर के लिए दिल्ली से सीधे एयर कूरियर रूट उपलब्ध होने पर जवानों के पास यात्रा का एक अतिरिक्त विकल्प होगा। इससे लंबी सड़क या कनेक्टिंग यात्रा पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम हो सकती है।
क्या है एयर कूरियर सर्विस?
एयर कूरियर सर्विस (ACS) केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली हवाई परिवहन सुविधा है। इसका उद्देश्य दूरदराज, संवेदनशील और कठिन इलाकों में तैनात सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी ज्वाइन करने, स्थानांतरण या छुट्टी के दौरान अपेक्षाकृत तेज और सुरक्षित हवाई यात्रा की सुविधा देना है।
इस सुविधा का उपयोग संबंधित केंद्रीय बलों के पात्र कर्मियों के साथ-साथ आधिकारिक जरूरतों के लिए भी किया जाता है।
किन बलों के जवानों को मिलती है सुविधा?
एयर कूरियर व्यवस्था का लाभ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के विभिन्न बलों के कर्मियों को मिलता है। इसमें CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB के अलावा असम राइफल्स, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और NDRF से जुड़े कर्मी भी शामिल हैं।
अभी प्रस्ताव पर अंतिम मंजूरी बाकी
फिलहाल दिल्ली-इंफाल-दिल्ली और दिल्ली-सिलचर-दिल्ली एयर कूरियर रूट को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। गृह मंत्रालय की ओर से उठाए गए सवालों और मौजूदा रूटों की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो मणिपुर में तैनात CRPF और अन्य संबंधित सुरक्षाकर्मियों के लिए दिल्ली से सीधे हवाई आवागमन का नया विकल्प उपलब्ध होगा। साथ ही, पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों के लिए एयर कूरियर नेटवर्क को अधिक प्रभावी और जरूरत के अनुरूप बनाने में भी मदद मिल सकती है।

