CGHS कार्ड अब रिटायरमेंट पर तुरंत मिलेगा: CGHS पोर्टल अब ‘भविष्य पोर्टल’ से जुड़ा, पेपरलेस प्रक्रिया शुरू
नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी है। अब रिटायरमेंट के साथ ही CGHS पेंशनर कार्ड बनाने की प्रक्रिया पेपरलेस और तेज हो जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 17 जुलाई 2026 को ऑफिस मेमोरेंडम जारी कर CGHS ऑनलाइन सिस्टम को ‘भविष्य Bhavishya Portal’ से इंटीग्रेट करने की घोषणा की है।
क्या है नया सिस्टम?
अब तक CGHS पेंशनर कार्ड के लिए रिटायर कर्मचारियों को अलग से आवेदन, दस्तावेज और कई बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था में:
- ऑटो प्री-फिल: भविष्य पोर्टल पर उपलब्ध पेंशन से जुड़ी डिटेल सीधे CGHS कार्ड फॉर्म में भर जाएगी।
- PAN से वेरिफिकेशन: CGHS और भविष्य पोर्टल के बीच डेटा का रियल-टाइम आदान-प्रदान PAN के जरिए होगा।
- एक ही जगह पेमेंट: HoO द्वारा पेंशन फॉर्म वेरिफाई होने, PPO बनने और BharatKosh गेटवे से CGHS योगदान जमा होते ही CGHS पेंशनर कार्ड ऑटोमेटिक बन जाएगा।
- डाउनलोड दोनों जगह: बना हुआ कार्ड CGHS पोर्टल और भविष्य पोर्टल दोनों से डाउनलोड किया जा सकेगा।
कर्मचारियों को क्या फायदा?
सरकार का कहना है कि इस एकीकरण से:
- प्रक्रियात्मक देरी कम होगी
- मैनुअल काम और कागजी कार्रवाई खत्म होगी
- डेटा डुप्लिकेशन नहीं होगा
- रिटायर होते ही तुरंत CGHS स्वास्थ्य लाभ मिलना शुरू हो जाएगा
पुराना सिस्टम भी जारी रहेगा
मंत्रालय ने साफ किया है कि ये सुविधा एक अतिरिक्त विकल्प है। पहले वाला CGHS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करने का तरीका भी पहले की तरह चालू रहेगा। कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार दोनों में से कोई भी तरीका चुन सकते हैं।
सभी मंत्रालयों/विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस नई सुविधा की जानकारी अपने रिटायर होने वाले कर्मचारियों तक पहुंचाएं।
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में कदम
स्वास्थ्य मंत्रालय और पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग DoPPW ने डिजिटल गवर्नेंस और पेंशनभोगियों की “Ease of Living” बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया है।
नोट: कार्ड जनरेट होने के लिए PPO का बनना और निर्धारित CGHS अंशदान का BharatKosh के माध्यम से भुगतान होना जरूरी है।



