जमीन विवाद पर CRPF जवान का दावा खारिज, SDM बोले- मामला न्यायालय में विचाराधीन
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में जमीन विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुए सीआरपीएफ जवान के वीडियो के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद प्रशासन ने जवान द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है और स्पष्ट किया है कि विवादित भूमि का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है।
सीआरपीएफ जवान शिवाकांत ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि कौशांबी थाना क्षेत्र के विजया चौराहे पर स्थित उनकी अर्ध-निर्मित संपत्ति पर कुछ स्थानीय लोगों ने कब्जा करने की कोशिश की और मकान पर ताला लगा दिया। जवान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
वीडियो सामने आने के बाद 14 जुलाई को जवान के परिजनों ने जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की। मामला चर्चा में आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच पूरी होने के बाद उपजिलाधिकारी (SDM) आकाश सिंह ने बताया कि राजस्व अभिलेखों और मौके के निरीक्षण में किसी नए कब्जे या कब्जे के प्रयास का कोई साक्ष्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जांच में जवान द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, विवाद के दूसरे पक्ष शमशाद ने प्रशासन के समक्ष भूमि से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। उनका कहना है कि सीआरपीएफ जवान की मां गोमती देवी के नाम केवल पौना बिस्सा भूमि दर्ज है, जबकि जिस जमीन को लेकर विवाद है वह उनकी है। शमशाद ने आरोप लगाया कि गोमती देवी तथा उनके पुत्र शिवाकांत और रमाकांत उनकी खाली पड़ी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
शमशाद के अनुसार, इस भूमि विवाद का मामला पहले से न्यायालय में लंबित है और उन्हें न्यायालय से स्थगन (स्टे) आदेश भी प्राप्त है। एसडीएम आकाश सिंह ने भी पुष्टि की कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या संदेश को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। प्रशासन ने कहा कि अपुष्ट और भ्रामक जानकारी फैलाने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए केवल आधिकारिक तथ्यों पर ही भरोसा करें।

