20 साल बाद बदलेगी CISF की कॉम्बैट वर्दी, दिवाली से नई यूनिफॉर्म में नजर आएंगे जवान
नई दिल्ली: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF के जवान और अधिकारी जल्द ही नई कॉम्बैट वर्दी में नजर आएंगे। करीब 20 साल बाद CISF की कॉम्बैट यूनिफॉर्म के डिजाइन में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नई वर्दी आधुनिक डिजिटल पिक्सेल पैटर्न पर आधारित होगी, जिसे सुरक्षा और ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
CISF के दो लाख से अधिक जवान और अधिकारी एयरपोर्ट, दिल्ली मेट्रो, संसद भवन, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं। फील्ड और ऑपरेशनल ड्यूटी में तैनात जवानों के लिए नई कॉम्बैट वर्दी लागू करने की प्रक्रिया दिवाली से शुरू होकर 26 जनवरी 2027 तक पूरी किए जाने की योजना है।
बताया जा रहा है कि कुछ CISF जवान और अधिकारी नई यूनिफॉर्म में नजर आने भी लगे हैं, जबकि बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल दिवाली के बाद शुरू होगा। जवान से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक फील्ड और ऑपरेशन ड्यूटी के दौरान नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे।
गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद प्रक्रिया तेज
नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक खरीद प्रक्रिया और टेंडर जारी किए जा रहे हैं। इससे पहले CRPF और BSF की कॉम्बैट वर्दी में भी बदलाव किए जा चुके हैं।
CISF की पुरानी कॉम्बैट वर्दी करीब दो दशकों से इस्तेमाल की जा रही थी। बदलती सुरक्षा चुनौतियों, आधुनिक निगरानी तकनीक और ऑपरेशनल जरूरतों को देखते हुए अब इसे आधुनिक डिजाइन में बदला जा रहा है।
कैसी होगी CISF की नई वर्दी?
नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म में चार से पांच रंगों का मिश्रण देखने को मिलेगा। इसमें ऑलिव ग्रीन, खाकी ग्रीन, ब्राउन और हल्के ब्लैक शेड सहित अन्य रंग शामिल होंगे।
पुरानी वर्दी में दिखाई देने वाले बड़े पैटर्न की जगह नई यूनिफॉर्म में छोटे-छोटे डिजिटल पिक्सेल जैसे डिजाइन होंगे। दावा है कि यह पैटर्न लंबी दूरी से किसी व्यक्ति की आकृति को स्पष्ट रूप से पहचानना मुश्किल बनाता है और अलग-अलग वातावरण में बेहतर कैमोफ्लाज उपलब्ध कराता है।
ड्रोन और CCTV निगरानी को ध्यान में रखकर डिजाइन
नई वर्दी को आधुनिक सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। डिजिटल पैटर्न के कारण इसे दूर से पहचानना अपेक्षाकृत मुश्किल होगा। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक यह डिजाइन CCTV और ड्रोन आधारित निगरानी वाले वातावरण में भी पुराने पैटर्न की तुलना में बेहतर कैमोफ्लाज प्रदान कर सकता है।
इसके अलावा नई वर्दी के डिजाइन की नकल करना भी अपेक्षाकृत कठिन माना जा रहा है, जिससे सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त फायदा मिलने की उम्मीद है।
गर्मी और पसीने में भी मिलेगी राहत
नई CISF यूनिफॉर्म में अधिकतर सूती कपड़े का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि जवानों को लंबे समय तक फील्ड ड्यूटी करने में सुविधा हो और पसीना जल्दी सूख सके।
यूनिफॉर्म के साथ बेसबॉल कैप भी होगी, जिस पर सामने CISF का लोगो लगाया जाएगा।
CISF की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म का उद्देश्य केवल वर्दी का स्वरूप बदलना नहीं, बल्कि बल को आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों और तकनीकी निगरानी के दौर के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाना भी है। लगभग 20 साल बाद हो रहा यह बदलाव CISF की फील्ड और ऑपरेशनल पहचान में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।

