मणिपुर: उग्रवादी हिंसा में हताहत CAPF जवानों के लिए अनुग्रह राशि 5 गुना बढ़ी, अब राज्य पुलिस के बराबर मिलेगा ₹10 लाख का मुआवजा
मणिपुर सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उग्रवाद रोधी अभियानों में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ड्यूटी के दौरान जान गंवाने या घायल होने वाले CAPF जवानों के लिए अनुग्रह राशि (Ex-gratia) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब CAPF जवानों को मिलने वाला मुआवजा राज्य पुलिस बल के कर्मियों के बिल्कुल बराबर कर दिया गया है।
2006 के बाद पहली बार संशोधन, 5 गुना तक इजाफा
राज्य सरकार द्वारा CAPF जवानों के लिए तय किया गया पुराना मुआवजा ढांचा 2006 का था, जिसमें शहादत पर महज ₹2 लाख और घायल होने पर ₹10,000 की राशि तय थी। कैबिनेट ने माना कि मौजूदा जोखिमों और महंगाई के दौर में यह दरें बेहद कम थीं।
नए संशोधन के तहत हताहत श्रेणियों को पुनर्गठित कर राशि बढ़ाई गई है:
| श्रेणी | पुरानी दर (2006 से) | नई स्वीकृत दर (कैबिनेट फैसला) |
|---|---|---|
| शहादत (मृत्यु) | ₹2,00,000 | ₹10,00,000 |
| स्थायी दिव्यांगता | — | ₹2,00,000 |
| गंभीर चोट (Grievous Injury) | ₹10,000 | ₹1,00,000 |
| सामान्य चोट (Simple Injury) | ₹10,000 | ₹20,000 |
समान जोखिम, समान सम्मान: पूरा खर्च उठाएगी राज्य सरकार
मणिपुर में जारी जातीय तनाव और उग्रवादी चुनौतियों के बीच CRPF, BSF, ITBP, SSB और असम राइफल्स जैसे केंद्रीय बलों के जवान राज्य पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संयुक्त अभियान चला रहे हैं।
कैबिनेट ने रेखांकित किया कि सुरक्षा अभियानों के दौरान केंद्रीय बल भी राज्य पुलिस जितना ही जोखिम उठाते हैं, इसलिए उनके मुआवजे में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। इस पूरी अनुग्रह राशि का वित्तीय भार राज्य सरकार अपने बजट से वहन करेगी।
यह कदम संवेदनशील इलाकों में मोर्चे पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाने और संकट की घड़ी में उनके परिवारों को तुरंत ठोस आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अहम निर्णय है।

