CAPF में IPS डेप्युटेशन से जुड़े अवमानना मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, रजिस्ट्री से पूछा- कोर्ट के आदेश के बावजूद लिस्ट से क्यों हटाया?
नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में IPS अधिकारियों की डेप्युटेशन से जुड़े अवमानना मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अहम घटनाक्रम हुआ। कोर्ट ने इस मामले को कॉज लिस्ट से हटाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने मामले को अब 30 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
यह मामला Mahendra Singh Deo & Ors. बनाम Govind Mohan & Ors. है। मामले की सुनवाई जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस ए.एस. चंद्रकुर की पीठ कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में यह अवमानना याचिका CONMT.PET.(C) No. 37/2026 in C.A. No. 13106/2024 के रूप में दर्ज है और इसके साथ अन्य संबंधित अवमानना याचिकाएं भी जुड़ी हैं।
कोर्ट के आदेश के बावजूद लिस्ट से हटाया गया मामला
मंगलवार को मामला दोपहर 2 बजे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन अदालत को बताया गया कि लंच ब्रेक के दौरान इसे कॉज लिस्ट से हटा दिया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गुरु कृष्ण कुमार ने इस मुद्दे को पीठ के सामने उठाया।
उन्होंने बताया कि मामले को लिस्टिंग शाखा के निर्देश पर हटाए जाने की जानकारी मिली है और इस संबंध में पक्षकारों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
इसके बाद पीठ ने कोर्ट मास्टर से भी पूछा कि क्या मामले को हटाए जाने के संबंध में पहले से कोई जानकारी थी।
30 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
मामला सुनने के बाद पीठ ने निर्देश दिया कि इसे अन्य संबंधित मामलों के साथ 30 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे फिर से सूचीबद्ध किया जाए।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को एक नोट के माध्यम से यह स्पष्ट करने को कहा है कि जब मामले को 2 बजे सूचीबद्ध करने का न्यायिक आदेश मौजूद था, तब उसे कॉज लिस्ट से क्यों हटाया गया।
46 IPS अधिकारियों की CAPF में डेप्युटेशन का मामला
यह अवमानना मामला CAPFs में IPS अधिकारियों की डेप्युटेशन से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को गृह मंत्रालय से इस बात पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा था कि 23 मई 2025 के फैसले के बाद पांच CAPFs में 46 IPS अधिकारियों को डेप्युटेशन पर कैसे भेजा गया।
MHA सचिव द्वारा दाखिल हलफनामे के अनुसार, 23 मई 2025 के बाद Senior Administrative Grade (SAG) स्तर तक के 46 IPS अधिकारी CAPFs में डेप्युटेशन पर लाए गए। कोर्ट इस बात की जांच कर रहा है कि 2025 के अपने फैसले में दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ है।
23 मई 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा है मामला
अवमानना याचिकाएं गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन के खिलाफ दायर की गई हैं। इनमें आरोप है कि Sanjay Prakash & Ors. बनाम Union of India & Ors. मामले में 23 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने उस मामले में CAPF कैडर में डेप्युटेशन पदों को धीरे-धीरे कम करने से संबंधित निर्देश दिए थे। सितंबर 2026 में अदालत इन्हीं निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जांच कर रही है।
अब 30 सितंबर पर नजर
22 सितंबर को समय की कमी के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी थी, जिसके बाद इसे 29 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया था। अब 29 सितंबर को लिस्ट से हटाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे 30 सितंबर को दोपहर 2 बजे फिर से सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
इस सुनवाई में एक तरफ रजिस्ट्री को मामले को लिस्ट से हटाने का कारण बताना होगा, वहीं CAPFs में IPS डेप्युटेशन और 2025 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन से जुड़े मुख्य मुद्दे भी अदालत के सामने बने रहेंगे।
केस: Mahendra Singh Deo & Ors. v. Govind Mohan & Ors.
अगली सुनवाई: 30 सितंबर 2026, दोपहर 2 बजे
पीठ: जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस ए.एस. चंद्रकुर

