सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा में SSB की भूमिका अहम, गृह मंत्री अमित शाह बोले- खुली सीमाओं की निगरानी सबसे चुनौतीपूर्ण
सिलीगुड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत-नेपाल और भारत-भूटान की खुली सीमाओं की निगरानी करना बेहद चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल (SSB) इन सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ देश के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
अमित शाह शुक्रवार को सिलीगुड़ी फ्रंटियर मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न आवासीय और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें जलपाईगुड़ी स्थित ट्रांजिट कार्यालय से जुड़ी परियोजनाएं, मोटर गैरेज और अधिकारियों के आवास सहित 19वीं और 12वीं वाहिनी के अंतर्गत आने वाली परियोजनाएं शामिल हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा में तैनात SSB जवानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। आधुनिक बुनियादी ढांचा न केवल बल की ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करेगा, बल्कि जवानों के लिए सुविधाओं में भी सुधार करेगा।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्यों है महत्वपूर्ण?
अमित शाह ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र है। ऐसे में इसकी सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है।
उन्होंने कहा कि नेपाल और भूटान के साथ भारत की सीमाओं की सुरक्षा तथा सिलीगुड़ी कॉरिडोर को सुरक्षित रखने में SSB की महत्वपूर्ण भूमिका है। आधुनिक तकनीक, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत सुरक्षा ढांचे के जरिए सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाया जा रहा है।
‘चिकन नेक’ से ‘एलिफेंट्स नेक’ की ओर
अमित शाह ने कहा कि सरकार के लगातार प्रयासों से सिलीगुड़ी कॉरिडोर अब पहले की तुलना में अधिक मजबूत और बेहतर तरीके से सुरक्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिसे लंबे समय से ‘चिकन नेक’ कहा जाता रहा है, वह अब ‘एलिफेंट्स नेक’ के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि नई परियोजनाएं मजबूत, स्मार्ट और अधिक सुरक्षित सीमाएं बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, SSB के महानिदेशक संजय सिंघल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

