CAPF कैडर रिव्यू प्रस्ताव पर बड़ा अपडेट: गृह मंत्रालय ने पांचों बलों के प्रस्ताव DoPT को भेजे
नई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के कैडर अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही कैडर रिव्यू और पदोन्नति से जुड़ी मांग के बीच बड़ी प्रगति सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CRPF, BSF, SSB, CISF और ITBP के कैडर रिव्यू प्रस्तावों को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के पास भेज दिया है। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के 23 मई 2025 के फैसले के अनुपालन से जुड़ी है।
गृह मंत्रालय के अनुपालन शपथ-पत्र के अनुसार, सभी पांचों केंद्रीय बलों के प्रस्तावों की समीक्षा पूरी कर ली गई है। आंतरिक वित्तीय प्रभाग की सहमति के बाद गृह मंत्री की मंजूरी से इन्हें DoPT को भेजा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने 23 मई 2025 के अपने फैसले में CAPF के कैडर अधिकारियों की पदोन्नति में आ रही बाधाओं पर गंभीरता से विचार किया था। अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया था कि केंद्रीय बलों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले IPS अधिकारियों के कारण कैडर अधिकारियों को उच्च पदों पर पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
अदालत ने CAPF में Organised Group ‘A’ Service (OGAS) पैटर्न को प्रभावी रूप से लागू करने और कैडर संरचना को संतुलित करने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए थे। साथ ही SAG स्तर तक IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से कम करने की बात कही गई थी।
छह अवमानना याचिकाओं पर 28 जुलाई को हुई सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तय समय में कार्रवाई नहीं होने के बाद CAPF कैडर अधिकारियों की ओर से दिसंबर 2025 में केंद्रीय गृह सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की गई थी।
28 जुलाई 2026 को इस मामले से जुड़ी छह अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई हुई। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने गृह मंत्रालय और DoPT के सचिवों से तीन सप्ताह के भीतर शपथ-पत्र दाखिल कर यह बताने को कहा था कि 23 मई 2025 के फैसले को लागू करने की दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
अदालत ने विशेष रूप से यह जानकारी भी मांगी थी कि फैसले के बाद करीब चार दर्जन IPS अधिकारी SAG स्तर तक केंद्रीय बलों में प्रतिनियुक्ति पर कैसे पहुंचे।
गृह सचिव के शपथ-पत्र में कैडर रिव्यू पर क्या कहा गया?
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की ओर से दाखिल अनुपालन शपथ-पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के 23 मई 2025 के आदेश को उसकी मूल भावना और अक्षरशः लागू करने के लिए सक्रिय कदम उठाए गए हैं।
शपथ-पत्र के अनुसार, गृह मंत्रालय ने 26 दिसंबर 2025 को सभी CAPF को उनके मौजूदा Group ‘A’ कैडर की व्यापक समीक्षा करने और विस्तृत कैडर रिव्यू प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को प्रस्ताव जल्द भेजने के लिए रिमाइंडर जारी किया गया।
प्रस्ताव मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने उनकी समीक्षा की। आंतरिक वित्तीय प्रभाग की सहमति प्राप्त होने के बाद गृह मंत्री की मंजूरी से सभी पांचों बलों के प्रस्ताव DoPT को भेज दिए गए।
किस बल का प्रस्ताव कब DoPT को भेजा गया?
| बल | गृह मंत्रालय को प्रस्ताव प्राप्त | DoPT को भेजा गया |
|---|---|---|
| CRPF | 20 मई 2026 | 27 जुलाई 2026 |
| BSF | 9 अप्रैल 2026 | 3 अगस्त 2026 |
| SSB | 16 अप्रैल 2026 | 28 जुलाई 2026 |
| CISF | 6 मई 2026 | 30 जुलाई 2026 |
| ITBP | 7 जुलाई 2026 | 3 अगस्त 2026 |
इस तरह 27 जुलाई से 3 अगस्त 2026 के बीच सभी पांचों CAPF के कैडर रिव्यू प्रस्ताव DoPT को भेजे जा चुके हैं।
IPS प्रतिनियुक्ति का मुद्दा भी अदालत के सामने
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत गृह मंत्रालय से यह भी पूछा गया था कि 23 मई 2025 के फैसले के बाद 4 अगस्त 2026 तक कितने IPS अधिकारी CAPF में प्रतिनियुक्ति पर आए।
गृह सचिव के अनुपालन शपथ-पत्र में SAG स्तर तक प्रतिनियुक्ति पर आए IPS अधिकारियों का विवरण भी दिया गया है। यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि CAPF कैडर अधिकारियों का लगातार यह कहना रहा है कि उच्च स्तर पर IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से कैडर अधिकारियों की पदोन्नति और नेतृत्व के अवसर प्रभावित होते हैं।
28 अक्टूबर 2025 को Review Petition भी खारिज
CAPF कैडर अधिकारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम 28 अक्टूबर 2025 को सामने आया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की Review Petition को खारिज कर दिया था।
इससे 23 मई 2025 के फैसले पर कैडर अधिकारियों की स्थिति और मजबूत हुई। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि फैसले को जमीन पर लागू करने के लिए सरकार कितनी तेजी से कैडर रिव्यू और भर्ती नियमों में बदलाव की प्रक्रिया पूरी करती है।
अब DoPT के फैसले पर टिकी नजर
गृह मंत्रालय द्वारा पांचों CAPF के कैडर रिव्यू प्रस्ताव DoPT को भेजे जाने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण DoPT की जांच और मंजूरी का है।
यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और इसके बाद संबंधित भर्ती नियमों तथा कैडर संरचना में आवश्यक बदलाव किए जाते हैं, तो इसका सीधा असर CAPF के Group ‘A’ कैडर अधिकारियों की पदोन्नति, करियर प्रोग्रेशन और उच्च नेतृत्व पदों पर अवसरों पर पड़ सकता है।
इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 को होनी है। ऐसे में गृह मंत्रालय द्वारा दाखिल अनुपालन शपथ-पत्र और पांचों बलों के कैडर रिव्यू प्रस्ताव अब इस सुनवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट के 23 मई 2025 के फैसले के बाद CAPF कैडर रिव्यू की दिशा में अब तक का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम सामने आया है। पांचों बलों के प्रस्ताव DoPT तक पहुंच चुके हैं। अब CAPF कैडर अधिकारियों की नजर DoPT की प्रक्रिया और 2 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पर है।

