8th Pay Commission: क्या मान ली गई हैं TOR की सिफारिशें? एक्सपर्ट ने बताया सच, जानिए वेतन बढ़ोतरी पर बड़ा अपडेट
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) को मंजूरी दिए जाने के बाद से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आयोग ने कर्मचारी संगठनों की कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।
ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग की ओर से अभी तक किसी भी मांग या प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है। ऐसे में कर्मचारियों को अफवाहों और अपुष्ट खबरों से बचना चाहिए।
डॉ. पटेल ने कहा कि उनकी संस्था लगातार आयोग की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और सभी महत्वपूर्ण अपडेट आधिकारिक माध्यमों से साझा किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर आयोग के समक्ष कर्मचारियों की मांगों को दोबारा भी रखा जाएगा।
फिटमेंट फैक्टर को लेकर बढ़ी चर्चा
वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाओं में सबसे अधिक ध्यान फिटमेंट फैक्टर पर है। फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) होता है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन को नए वेतनमान में बदला जाता है।
7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जो 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ। इसी के आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। अब कर्मचारी संगठनों की ओर से 8वें वेतन आयोग में इससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम वेतन वृद्धि आयोग द्वारा सुझाए गए और सरकार द्वारा स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा आय में महंगाई भत्ता शामिल है, तो नए फिटमेंट फैक्टर के लागू होने पर उसके वेतन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी संभव है।
राज्यों का दौरा कर रहा है आयोग
फिलहाल 8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है और कर्मचारी संगठनों, यूनियनों तथा अन्य हितधारकों से मुलाकात कर उनकी मांगों और सुझावों को एकत्रित कर रहा है। आयोग इन प्रस्तावों के आधार पर अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा।
कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष वेतन में अधिक बढ़ोतरी, बेहतर पेंशन व्यवस्था और सेवानिवृत्ति लाभों में सुधार की मांग रखी है।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र (ToR) को मंजूरी दी थी और आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
हालांकि, आयोग की सिफारिशों के प्रभावी होने की संभावित तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने और सरकार की मंजूरी के बाद ही नए वेतनमान और पेंशन में संशोधन लागू किए जाएंगे।
इस बीच आयोग ने ज्ञापन और सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है। इसके बाद प्राप्त सुझावों की समीक्षा कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी आयोग की आधिकारिक सिफारिशों का इंतजार करना होगा।

