8वें वेतन आयोग को जेसीएम ने सौंपी रिपोर्ट। न्यूनतम वेतन 69 हजार, फिटमेंट फैक्टर 3.833 और OPS बहाली समेत कई बड़ी मांगें शामिल
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) की जेसीएम ने आयोग की चेयरमैन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन व्यवस्था, भत्तों और पदोन्नति से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव शामिल किए गए हैं।
मंगलवार को हुई बैठक में जेसीएम प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति, महंगाई और सेवा शर्तों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े बदलावों की मांग रखी। आयोग ने आश्वासन दिया है कि सभी मांगों पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाएगा और कर्मचारी संगठनों को सुझाव देने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
न्यूनतम वेतन 69 हजार रुपये करने की मांग
जेसीएम ने अपनी रिपोर्ट में केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के पोषण मानकों का हवाला देते हुए परिवार की संरचना को 5 यूनिट फैमिली मानने का सुझाव दिया गया है, जिसमें माता-पिता को भी शामिल करने की बात कही गई है।
फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने का प्रस्ताव
रिपोर्ट में सबसे अहम मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की है। फिटमेंट फैक्टर ही कर्मचारियों की नई मूल वेतन तय करता है। यदि यह मांग स्वीकार होती है तो वर्तमान कर्मचारियों और पेंशनभोगियों दोनों की आय में बड़ा इजाफा संभव है।
वार्षिक वेतन वृद्धि और भत्तों पर जोर
जेसीएम ने सुझाव दिया है कि:
- वार्षिक वेतन वृद्धि मूल वेतन का 6 प्रतिशत रहे
- सभी भत्तों में तीन गुना वृद्धि की जाए
- भत्तों को महंगाई भत्ता (DA) से जोड़ा जाए
इसके अलावा पे स्केल की संख्या कम कर मर्जर ऑफ पे स्केल लागू करने का प्रस्ताव भी दिया गया है, जिससे वेतन संरचना सरल बनाई जा सके।
पदोन्नति और एसीपी व्यवस्था में बदलाव की मांग
रिपोर्ट में कर्मचारियों के करियर प्रोग्रेशन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। प्रमुख सुझाव इस प्रकार हैं:
- 30 वर्ष की सेवा में कम से कम 5 टाइमस्केल प्रमोशन/वित्तीय उन्नयन
- पदोन्नति के समय दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि
- कैडर रिव्यू में होने वाली देरी को समाप्त किया जाए
कर्मचारियों के लिए एडवांस और सुविधाएं
जेसीएम ने कई कर्मचारी हितैषी प्रस्ताव भी दिए हैं:
- सभी एडवांस ब्याज मुक्त हों
- मृत्यु की स्थिति में किसी प्रकार की वसूली न हो
- सभी कर्मचारियों को चार पहिया वाहन एडवांस
- त्योहार और प्राकृतिक आपदा एडवांस फिर शुरू किए जाएं
छुट्टियों और अवकाश नियमों में बड़े बदलाव का सुझाव
रिपोर्ट में अवकाश नियमों को भी कर्मचारी हित में संशोधित करने की मांग की गई है:
- अर्जित अवकाश (EL) का 600 दिन तक नकदीकरण
- सेवा के दौरान 50% EL कैश कराने की अनुमति
- संचित अर्ध-वेतन अवकाश का पूर्ण नकदीकरण
- पूरी सेवा अवधि में 60 दिन का अभिभावक देखभाल अवकाश
- देरी से आने पर आधे दिन की छुट्टी कटौती नियम खत्म किया जाए
ड्यूटी के दौरान हादसे पर 2 करोड़ मुआवजा
जेसीएम ने ड्यूटी के दौरान शहीद या मृत कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपये मुआवजा देने और करुणामय नियुक्ति पर लगी 5 प्रतिशत सीमा समाप्त करने की मांग भी रखी है। साथ ही बोनस सीमा खत्म कर उसे बेसिक पे और डीए से जोड़ने का सुझाव दिया गया है।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
पेंशन से जुड़े मुद्दों पर जेसीएम ने बड़ा प्रस्ताव रखते हुए कहा है कि:
- 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए
- NPS और UPS व्यवस्था वापस ली जाए
- 11 साल बाद पेंशन कम्यूटेशन बहाली फिर लागू हो
- हर 5 साल में पेंशन वृद्धि सुनिश्चित की जाए
आयोग देगा और समय, सप्लीमेंट्री मेमोरेंडम भी होगा जमा
बैठक में जेसीएम के सचिव शिव गोपाल मिश्रा सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। समय की कमी के कारण रिपोर्ट को प्रारंभिक दस्तावेज बताया गया है। आने वाले दिनों में कर्मचारियों से चर्चा के बाद सप्लीमेंट्री मेमोरेंडम भी आयोग को सौंपा जाएगा।
आठवें वेतन आयोग ने सुझाव और मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई कर दी है। आयोग विभिन्न विभागों का दौरा कर जमीनी अध्ययन भी करेगा।
कुल मिलाकर, यदि जेसीएम की प्रमुख मांगें स्वीकार होती हैं तो आठवां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है।

