राजस्थान में Pre Kargil Package से वंचित CAPF शहीद परिवार,सरकार से समान अधिकार देने की अपील
राजस्थान में 31 मार्च 1999 से पहले शहीद हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) जवानों के परिवारों ने राज्य सरकार से Pre Kargil Package के तहत समान सुविधाएं देने की मांग उठाई है। शहीद परिवारों का कहना है कि वर्तमान नीति में सशस्त्र बलों और CAPF शहीदों के बीच भेदभाव किया जा रहा है, जिससे लगभग 150 शहीद परिवार पिछले दो दशकों से सरकारी सहायता से वंचित हैं।
परिजनों के अनुसार, राजस्थान सरकार ने शहीद जवानों के लिए दो प्रकार के सहायता पैकेज घोषित किए हैं — Pre Kargil Package और After Kargil Package।
1 अप्रैल 1999 के बाद शहीद होने वाले सेना, नौसेना, वायुसेना तथा CAPF/पैरामिलिट्री (BSF, CRPF, ITBP, SSB, CISF, NSG और असम राइफल्स) के जवानों को After Kargil Package का लाभ दिया जा रहा है।
लेकिन 31 मार्च 1999 से पहले शहीद हुए CAPF और पैरामिलिट्री जवानों के परिवारों को यह सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जबकि उसी अवधि में शहीद सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों को Pre Kargil Package का लाभ दिया जा रहा है।
परिवारों ने लगाया भेदभाव का आरोप
शहीद परिवारों का कहना है कि उनके परिजन भी ऑपरेशन कैजुअल्टी सर्टिफिकेट धारक शहीद हैं, फिर भी राज्य सरकार की ओर से उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक या सम्मानजनक सहायता नहीं मिली। उनका आरोप है कि केवल शहादत की तारीख के आधार पर CAPF जवानों को सहायता से वंचित करना शहीदों के सम्मान के साथ अन्याय है।
परिजनों ने बताया कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सेना और CAPF शहीदों के बीच ऐसा कोई भेदभाव नहीं किया जाता और सभी बलों के शहीदों को समान सहायता प्रदान की जाती है।
आर्थिक संकट में जी रहे परिवार
परिवारों के अनुसार, अधिकांश शहीद परिवार आज भी आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। कई परिवार खेती या निजी नौकरी कर गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि पिछले 20 वर्षों से वे जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि शहादत 1999 से पहले की है, इसलिए कोई सहायता नहीं मिल सकती।
मुख्य मांगें
शहीद परिवारों ने राज्य सरकार से मांग की है कि सेना के शहीदों की तरह CAPF/पैरामिलिट्री शहीदों को भी Pre Kargil Package के तहत निम्न सुविधाएं दी जाएं—
- शहीद परिवार को भूमि आवंटन
- ₹5000 मासिक सम्मान भत्ता
- शहीद परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी
- शहीद के नाम पर सरकारी स्कूल या अस्पताल का नामकरण
- शहीद स्मारक एवं प्रतिमा निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराना
परिजनों का कहना है कि वे किसी अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल वही अधिकार चाहते हैं जो राज्य सरकार पहले से घोषित योजना के तहत अन्य शहीदों को दिए जा रहे हैं।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
करीब 150 शहीद परिवारों ने राज्य सरकार से सैनिक कल्याण बोर्ड को स्पष्ट निर्देश जारी कर 31 मार्च 1999 से पहले शहीद हुए CAPF और पैरामिलिट्री जवानों को भी Pre Kargil Package का लाभ देने की अपील की है।
परिवारों ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हर जवान का सम्मान समान होना चाहिए, चाहे वह किसी भी बल से जुड़ा हो या किसी भी वर्ष में शहीद हुआ हो।

