NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)

देशभक्ति और सूचना का सशक्त मंच

NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)

देशभक्ति और सूचना का सशक्त मंच

BSF NEWS

BSF कैडर समीक्षा में इलेक्ट्रिकल विंग के 108 पद खत्म, सिविल विंग में बढ़े पद

नई दिल्ली। सीमाओं पर भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली सीमा सुरक्षा बल (BSF) की इलेक्ट्रिकल विंग में बड़े स्तर पर पदों में कटौती किए जाने से बल के भीतर असंतोष उभरकर सामने आया है। कार्मिकों का कहना है कि कैडर समीक्षा के इस फैसले से न केवल उनके करियर पर असर पड़ेगा बल्कि सीमा सुरक्षा से जुड़े तकनीकी कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने गृह मंत्रालय द्वारा भेजी गई इंजीनियरिंग कैडर (ग्रुप ‘ए-बी-सी’) समीक्षा रिपोर्ट को मंजूरी दी है। इस समीक्षा में सिविल विंग के पदों में वृद्धि की गई है, जबकि इलेक्ट्रिकल विंग के कुल 108 पद समाप्त कर दिए गए हैं। लगभग डेढ़ दशक बाद हुई इस कैडर समीक्षा के बाद इलेक्ट्रिकल विंग के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।

सिविल विंग में बढ़े पद

कैडर समीक्षा के तहत सिविल विंग की स्वीकृत संख्या 761 से बढ़ाकर 849 कर दी गई है। डीआईजी (वर्क्स) का नया पद बनाया गया है तथा सेकंड-इन-कमांड, डिप्टी कमांडेंट और एसआई स्तर पर पदों में वृद्धि हुई है। सिपाही स्तर पर भी बड़ी संख्या में नए पद सृजित किए गए हैं। हालांकि हवलदार स्तर के कुछ पदों में कटौती भी की गई है।

इलेक्ट्रिकल विंग में 108 पद कम

इसके विपरीत इलेक्ट्रिकल विंग की स्वीकृत संख्या 962 से घटाकर 854 कर दी गई है। समीक्षा में डीआईजी (इलेक्ट्रिकल) का एक नया पद बनाया गया है, लेकिन अधीनस्थ तकनीकी श्रेणियों में बड़े पैमाने पर कटौती की गई है। हवलदार, एसआई और जनरेटर मैकेनिक पदों में सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई है।

कार्मिकों का कहना है कि इलेक्ट्रिकल इकाई सीमाओं पर फ्लड लाइटिंग, भूमिगत केबल नेटवर्क, डीजल जनरेटर संचालन, उच्च वोल्टेज उपकरणों और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम की बिजली आपूर्ति संभालती है। ऐसे में तकनीकी पदों में कटौती से परिचालन क्षमता प्रभावित होने का खतरा है।

डीजी को दिए जा रहे प्रतिवेदन

इलेक्ट्रिकल विंग के कर्मचारियों ने इस कैडर समीक्षा को भेदभावपूर्ण बताते हुए बीएसएफ महानिदेशक को प्रतिवेदन देना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि समीक्षा प्रक्रिया में इलेक्ट्रिकल कैडर को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और न ही कार्यभार का निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया।

कार्मिकों ने यह भी कहा कि समीक्षा समिति में इलेक्ट्रिकल विंग का प्रतिनिधित्व नहीं था, जिससे पूरी प्रक्रिया एकतरफा प्रतीत होती है।

कोर्ट जाने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, प्रभावित कार्मिक अब इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पदों में कटौती से पदोन्नति के अवसर सीमित हो जाएंगे और कई अधिकारियों का करियर प्रभावित होगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता

इलेक्ट्रिकल विंग के कर्मचारियों का तर्क है कि सीमावर्ती चौकियों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फ्लड लाइटिंग, स्मार्ट फेंसिंग, निगरानी प्रणाली और बंकरों की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह तकनीकी स्टाफ पर निर्भर रहती है। ऐसे में तकनीकी कैडर को कमजोर करना दीर्घकालिक सुरक्षा दृष्टि से चिंताजनक हो सकता है।

Spread the love

Editorial Desk – News of Paramilitary

Editorial Desk, News of Paramilitary, covers verified news, policy updates and field reports related to India’s Paramilitary Forces. Content is published following strict editorial standards.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page