SC के सख्त रुख के बाद केंद्र का बड़ा कदम: CAPFs में ग्रुप ‘A’ कैडर रिव्यू का निर्देश
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के कुछ महीनों बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में ग्रुप ‘A’ अधिकारियों के कैडर रिव्यू की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी छह CAPFs को अपने ग्रुप ‘A’ कैडर की व्यापक समीक्षा कर एक महीने के भीतर विस्तृत प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है।
गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि ये प्रस्ताव निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किए जाएं, जिनकी आगे मंत्रालय स्तर पर जांच की जाएगी। यह कैडर रिव्यू वर्ष 2021 से लंबित था और अब इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
Assistant Commandant से IG तक होगी समीक्षा
इस कैडर रिव्यू के तहत Assistant Commandant से लेकर Inspector General (IG) रैंक तक के ग्रुप ‘A’ अधिकारियों की संरचना, पदोन्नति, पदों की संख्या और ठहराव (stagnation) जैसे मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने मई में दिए अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप CAPFs में IPS प्रतिनियुक्ति को दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा।
छह CAPFs को भेजा गया आदेश
इस आदेश की प्रति छहों CAPFs के प्रमुखों को भेजी गई है, जिनमें—
- सीमा सुरक्षा बल (BSF)
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- सशस्त्र सीमा बल (SSB)
- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
- असम राइफल्स
शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया ‘लंबे समय से जरूरी कदम’
एक वरिष्ठ CAPF अधिकारी ने इसे लंबे समय से लंबित और जरूरी सुधार बताया। उनके मुताबिक, “यह कैडर रिव्यू संरचनात्मक असंतुलन और पदोन्नति में ठहराव जैसी समस्याओं को दूर करेगा। इससे अधिकारियों के लिए पदोन्नति के अवसर, कमांड स्ट्रक्चर और दीर्घकालिक करियर प्रोग्रेशन बेहतर होगी।”
कैडर रिव्यू के तहत ग्रुप ‘A’ अधिकारियों से जुड़ा विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा और यह सुझाव दिए जाएंगे कि किस स्तर पर पदोन्नति में रुकावट है और उसे कैसे दूर किया जा सकता है।
OGAS दर्जा मिलने के बाद तेज हुई प्रक्रिया
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज करते हुए CAPFs के ग्रुप ‘A’ अधिकारियों को ‘ऑर्गनाइज्ड ग्रुप A सर्विस (OGAS)’ का दर्जा देने के फैसले को बरकरार रखा था।
मई में शीर्ष अदालत ने कैडर रिव्यू छह महीने के भीतर पूरा करने और CAPFs में IG रैंक तक IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को चरणबद्ध तरीके से घटाने के निर्देश दिए थे।
पदोन्नति में ठहराव होगा कम
CAPF अधिकारियों का मानना है कि नियमित और प्रभावी कैडर रिव्यू से पदोन्नति में लगने वाला समय लगभग आधा हो सकता है। पहले चरण के कैडर रिव्यू से Deputy Inspector General (DIG) और Inspector General (IG) स्तर पर नए पद सृजित हो सकते हैं, जिससे उन अधिकारियों को राहत मिलेगी जो एक ही पद पर 10 साल से अधिक समय से कार्यरत हैं।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह फैसला CAPFs में वर्षों से चली आ रही पदोन्नति और संरचनात्मक असंतुलन की समस्या को दूर करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

