रोडवेज बस में चढ़ते समय BSF ASI की मौत, बेटे की शादी 5 दिसंबर को
सीकर ज़िले के पोसाना टोल प्लाजा पर सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। रोडवेज चालक और परिचालक की लापरवाही के कारण बीएसएफ के एएसआई मनोज भार्गव (52) की बस से कुचलकर मौत हो गई। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट नजर आई, जिसमें चालक की जल्दबाजी और परिचालक की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।
खरीददारी के लिए जा रहे थे सीकर, घर में थी शादी की तैयारी
भोड़की गांव निवासी एएसआई मनोज भार्गव 10 दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आए थे। उनके बड़े बेटे की 5 दिसंबर को शादी तय थी और घर में उत्सव जैसा माहौल था। सोमवार को बेटे का बान बैठना था, लेकिन उसी दिन यह दुखद खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मनोज भार्गव शादी की खरीददारी के लिए पोसाना टोल प्लाजा पर बस का इंतजार कर रहे थे।
रॉन्ग लेन में बस घुसाई, परिचालक ने बंद किया गेट
जानकारी के मुताबिक झुंझुनूं से आ रही रोडवेज बस ने निर्धारित लेन की बजाय रॉन्ग साइड की लेन में प्रवेश किया। चालक ने बस धीमी कर एक यात्री को उतारा, तभी मनोज भार्गव बस में चढ़ने लगे। लेकिन परिचालक ने अचानक गेट बंद कर दिया और चालक ने स्पीड बढ़ा दी। इससे एएसआई मनोज बस और टोल पिलर के बीच दबकर सड़क पर गिर गए और बस का पिछला टायर उनके ऊपर से गुजर गया। मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
छोटे बेटे ने दर्ज कराई रिपोर्ट
घटना के बाद छोटे बेटे सुनील ने चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। सोमवार को गुढ़ा सीएचसी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
शहीद का दर्जा और परिवार को नौकरी की मांग
गांव के सरपंच नेमीचंद जांगिड़ ने मनोज भार्गव को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। वहीं पूर्व सरपंच गणेश गुप्ता ने मृतक के दोनों बेटों व बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार
मनोज भार्गव का अंतिम संस्कार गांव में किया गया। बड़े बेटे विजय ने उन्हें मुखाग्नि दी। जयपुर से आई बीएसएफ की टुकड़ी ने सब इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
अंतिम यात्रा में उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र गिल, सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। युवाओं ने गुढ़ा से गांव तक तिरंगा यात्रा निकाली।
सुरक्षा संदेश – चलती बस में चढ़ने का प्रयास न करें
परिवहन विभाग और पुलिस ने भी अपील की है कि चलती बस में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें, बस के पूरी तरह रुकने पर ही सफर शुरू करें। चालक और परिचालक के साथ यात्रियों की भी जिम्मेदारी है कि वे सावधानी बरतें।

