8वें केंद्रीय वेतन आयोग के दायरे में पुराने पेंशनरों को शामिल करने की मांग, सरकार ने विभाग को भेजा प्रस्ताव
नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के तहत 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन को शामिल करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के Department of Personnel & Training (Pers. Policy–JCA Section) ने दो कर्मचारी संगठनों से प्राप्त अभ्यावेदनों को आगे की कार्रवाई के लिए व्यय विभाग (Department of Expenditure) को भेजा है।
मंत्रालय की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन F.No. 6/2/2025-JCA में यह मामला उठाया गया है। पत्र का विषय ही 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में संशोधन कर 01/01/2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों तथा पेंशन संबंधी मुद्दों को शामिल करने से संबंधित है।
किन संगठनों ने उठाई मांग?
दस्तावेज के अनुसार दो संगठनों के प्रतिनिधित्व को व्यय विभाग को भेजा गया है—
- All India RMS, MMS & Postal Pensioners Association, CHQ Delhi
- All India Defence Employees’ Federation (AIDEF)
AIDEF की ओर से महासचिव सी. श्रीकुमार ने 4 अगस्त 2026 को इस संबंध में अभ्यावेदन दिया था। पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से गिरी राज सिंह ने 30 जुलाई 2026 को अपना प्रतिनिधित्व भेजा था।
क्या है मुख्य मांग?
मांग का मुख्य उद्देश्य यह है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में 01 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों और उनके परिवारों की पेंशन/फैमिली पेंशन में भी संशोधन का स्पष्ट प्रावधान हो।
हाल ही में पेंशनर संगठनों ने इसी मुद्दे को लेकर 8वें CPC के ToR में संशोधन की मांग उठाई है।
अब आगे क्या होगा?
महत्वपूर्ण बात यह है कि 18 अगस्त के पत्र में सरकार ने अभी ToR में संशोधन मंजूर नहीं किया है। मंत्रालय ने प्राप्त अभ्यावेदनों को Department of Expenditure को विचार एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया है।
इसलिए फिलहाल इसे पुराने पेंशनरों के पक्ष में सरकार द्वारा लिया गया अंतिम फैसला नहीं, बल्कि मांग पर आगे की सरकारी प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना के जरिए किया गया था और आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
पुराने केंद्रीय पेंशनरों के लिए अब नजर इस बात पर रहेगी कि व्यय विभाग इन मांगों पर क्या निर्णय लेता है और क्या 8वें CPC के Terms of Reference में संशोधन किया जाता है।

