दोन घाटी में SSB के जवान बने ‘देवदूत’: आधी रात को प्रसूता की बचाई जान
सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने मानवता और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए एक प्रसूता की जान बचा ली। आधी रात में महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने पर एसएसबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सका।
यह घटना रामनगर प्रखंड के दुर्गम दोन क्षेत्र स्थित कमरछिनवा दोन गांव की है। गांव निवासी नीरजा कुमारी का लगभग एक सप्ताह पहले सामान्य प्रसव हुआ था। मंगलवार देर रात अचानक उन्हें तेज ब्लीडिंग शुरू हो गई, जिससे परिवार के लोग घबरा गए। गांव में तत्काल कोई वाहन या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर महिला के पति ने नजदीकी एसएसबी कैंप पहुंचकर मदद की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को समझते हुए कंपनी कमांडर ने तुरंत जवानों को अलर्ट किया। रात करीब 11:40 बजे सूचना मिलते ही एसएसबी की टीम सक्रिय हो गई और महज 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस गांव पहुंच गई। जवानों ने बिना देरी किए महिला को सुरक्षित वाहन में बैठाया और हरनाटाड़ स्थित सुनैना स्मृति सेवा संस्थान अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू कर दिया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कृष्ण मोहन राय ने बताया कि मरीज को सही समय पर अस्पताल लाया गया, जिसकी वजह से स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। फिलहाल महिला की हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
परिजनों ने एसएसबी टीम का आभार जताते हुए कहा कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने भी जवानों की इस मानवीय पहल की सराहना की है।

