तीन साल का इंतजार खत्म: CRPF में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक पदोन्नति आदेश जारी, कई रैंकों को मिला लाभ
नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। सहायक कमांडेंट (जीडी) से डिप्टी कमांडेंट (जीडी) पदोन्नति के बाद अब सीआरपीएफ मुख्यालय ने सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर (जीडी) तक विभिन्न रैंकों में पदोन्नति आदेश जारी कर दिए हैं। इससे बल के कई कार्मिकों को तीन वर्ष के लंबे इंतजार के बाद राहत मिली है।
सहायक कमांडेंट की पदोन्नति के बाद खुला रास्ता
गत माह सीआरपीएफ मुख्यालय ने लगभग 263 सहायक कमांडेंट (जीडी) को डिप्टी कमांडेंट (जीडी) के पद पर पदोन्नत किया था। यह पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के आदेश (सिविल अपील संख्या 4585-4586/2025) के अनुपालन में की गई। इसके बाद निचले रैंकों में रिक्तियां बनने से अन्य पदों पर भी पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो गया।
सिपाही से इंस्पेक्टर तक जारी हुए पदोन्नति आदेश
सीआरपीएफ द्वारा जारी नवीनतम आदेशों के अनुसार विभिन्न रैंकों में निम्नलिखित पदोन्नतियां की गई हैं—
- 63 इंस्पेक्टर (जीडी) को सहायक कमांडेंट (जीडी) बनाया गया।
- 61 सब-इंस्पेक्टर (जीडी) को इंस्पेक्टर (जीडी) पद पर पदोन्नत किया गया।
- 59 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (जीडी) को सब-इंस्पेक्टर (जीडी) बनाया गया।
- 58 सिपाही (जीडी) को हवलदार (जीडी) के पद पर पदोन्नति दी गई।
इन पदोन्नतियों से बल के विभिन्न स्तरों पर रिक्त पद भरने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
तीन साल तक क्यों अटकी रही डीपीसी?
सूत्रों के अनुसार, 71 DASO लोकल प्रमोटी सहायक कमांडेंट की ओर से दायर एक याचिका के कारण 43वें बैच DAGO की वर्ष 2023 की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) पर न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गई थी। कमलेश पांडे बनाम भारत सरकार मामले के लंबित रहने से पूरी पदोन्नति प्रक्रिया लगभग तीन वर्षों तक प्रभावित रही।
इसका असर केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सिपाही, हवलदार, एएसआई, एसआई और इंस्पेक्टर स्तर तक पदोन्नति रुक गई। कई कार्मिक ऐसे भी रहे जो पदोन्नति मिलने से पहले ही सेवानिवृत्त हो गए, जिससे उन्हें पद और आर्थिक लाभ दोनों से वंचित रहना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट से हटी रोक, फिर शुरू हुई प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीपीसी पर लगी रोक हटने के बाद सीआरपीएफ मुख्यालय ने 17 अप्रैल 2026 को सभी जोन, ग्रुप सेंटर और इकाइयों को निर्देश जारी कर संबंधित सहायक कमांडेंटों की मेडिकल रिपोर्ट तत्काल भेजने को कहा था। इसके बाद पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी आई और पहले सहायक कमांडेंटों को डिप्टी कमांडेंट बनाया गया, जिसके बाद अब निचले रैंकों में भी पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं।
डीजी जीपी सिंह की भूमिका रही अहम
पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सैनिक सम्मेलनों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया था कि पदोन्नति संबंधी मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। गृह मंत्रालय और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के बाद लंबित प्रक्रिया पूरी हो सकी।
बल में बढ़ेगा मनोबल
लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कार्मिकों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न केवल हजारों कर्मियों के कैरियर की प्रगति का रास्ता खुला है, बल्कि बल के भीतर मनोबल और प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में अन्य रिक्त पदों पर भी पदोन्नति और नियुक्ति प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

