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CISF Project KARAMVEER: पूर्व जवानों, वीरांगनाओं और NOK के लिए खुलेंगे 35 CSC, मिलेगा ₹1.10 लाख Honorarium

नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में पूर्व जवानों, शहीद या दिवंगत कर्मियों की वीरांगनाओं तथा Next-of-Kin (NOK) के कल्याण और रोजगार के लिए एक नई पहल की तैयारी शुरू हो गई है। “Project KARAMVEER” के तहत CISF के लिए देशभर में 35 Common Services Centres (CSC) स्थापित करने का प्रस्ताव है। परियोजना को करीब 30 महीने, यानी अक्टूबर 2026 से मार्च 2029 के बीच लागू करने की योजना है।

CISF मुख्यालय के 16 अक्टूबर 2026 के आदेश के मुताबिक, “Project KARAMVEER for All Seven CAPFs and State/UT Police Forces” नाम का प्रस्ताव CSC Academy द्वारा गृह मंत्रालय (MHA) को भेजा गया है। CISF के हिस्से में 35 CSC चिन्हित किए गए हैं। इन केंद्रों का संचालन पात्र पूर्व जवानों, वीरांगनाओं और दिवंगत कर्मियों के आश्रितों के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है।

CISF परिसर और यूनिटों में खुल सकते हैं CSC

प्रस्ताव के अनुसार ये Common Services Centres CISF के Force Headquarters, training institutions, battalion या unit establishments, residential complexes और अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थापित किए जा सकते हैं। हालांकि साइट का अंतिम चयन तय मानकों, कनेक्टिविटी, बिजली, सार्वजनिक पहुंच और योग्य लाभार्थियों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

CISF के DAE-DOS सेक्टर मुख्यालय ने अधीनस्थ यूनिटों से 10 योग्य लाभार्थियों और 10 संभावित साइटों की पहचान कर उनका विवरण भेजने को कहा है। साथ ही यह साफ किया गया है कि फिलहाल नाम जुटाने की प्रक्रिया केवल संभावित लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार करने के लिए है और इससे किसी का अंतिम चयन सुनिश्चित नहीं होगा।

CSC पर मिलेंगी पेंशन से बैंकिंग तक कई सेवाएं

Project KARAMVEER के तहत खोले जाने वाले CSC केवल सामान्य जनसेवा केंद्र नहीं होंगे। प्रस्ताव में पांच प्रमुख तरह की सेवाओं का उल्लेख किया गया है। इनमें पेंशन और service record से जुड़ी सुविधाएं, citizen e-services, financial और banking correspondent services, business-to-consumer services तथा Force-specific और community services शामिल हैं।

दस्तावेज के मुताबिक पेंशन से जुड़े मामलों में Bhavishya, e-HRMS 2.0, EPS और PFMS जैसे प्लेटफॉर्म पर सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि CSC किसी पेंशन दावे को मंजूर या खारिज नहीं करेगा, बल्कि केवल प्रक्रिया और दस्तावेजी सहायता उपलब्ध कराएगा।

लाभार्थी को 10 महीने में ₹1.10 लाख Honorarium

Project KARAMVEER की सबसे अहम बातों में से एक लाभार्थियों को दिया जाने वाला Honorarium है। प्रत्येक चयनित लाभार्थी को 10 महीनों में कुल ₹1.10 लाख की सहायता राशि देने का प्रावधान है।

पहले महीने ₹20,000 से शुरुआत होगी। इसके बाद क्रमशः ₹18,000, ₹16,000, ₹14,000, ₹12,000, ₹10,000, ₹8,000, ₹6,000, ₹4,000 और दसवें महीने ₹2,000 दिए जाएंगे। यह भुगतान CSC ID जारी होने और पहली transaction दर्ज होने के बाद शुरू होगा। हर महीने कम से कम 20 working days पूरे होने की पुष्टि के बाद भुगतान होगा।

किसे मिलेगी प्राथमिकता?

लाभार्थियों का चयन एक तय priority order के आधार पर किया जाएगा। सबसे पहले उन जवानों या अधिकारियों की वीरांगना अथवा spouse को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी line of duty में मृत्यु हुई हो।

इसके बाद क्रमशः:

  1. Service-attributable medical grounds पर invalided out हुए कर्मी
  2. दिवंगत कर्मियों के Next-of-Kin, जहां spouse उपलब्ध न हो या CSC चलाने में सक्षम न हो
  3. अन्य कारणों से service के दौरान मृत्यु हुए कर्मियों की वीरांगना अथवा spouse
  4. Superannuated या voluntarily retired personnel
  5. Hard-area posting पर तैनात serving personnel की spouse

को प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान है।

चयन के लिए 55 अंक जरूरी

लाभार्थी चयन के लिए household need, digital literacy, CSC चलाने की प्रतिबद्धता, location viability और community standing जैसे मानकों पर अंक दिए जाएंगे।

कुल qualifying score 55 रखा गया है। किसी भी criterion में उसके निर्धारित weightage के 40 प्रतिशत से कम अंक होने पर अभ्यर्थी पात्र नहीं माना जाएगा।

Project में inclusion सुनिश्चित करने के लिए भी न्यूनतम हिस्सेदारी निर्धारित की गई है। प्रस्ताव के अनुसार कम से कम 50 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं, 30 प्रतिशत duty-death वीरांगनाएं/NOK और 15 प्रतिशत differently-abled beneficiaries रखने का लक्ष्य है। साथ ही कम से कम 25 प्रतिशत केंद्र aspirational, LWE-affected, border या North Eastern districts में रखने का लक्ष्य है।

उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे

CSC Academy के जिम्मे CSC के लिए आवश्यक equipment procurement, installation और commissioning की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है। लाभार्थी और validated site की जानकारी मिलने के 45 दिनों के भीतर केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

Equipment का ownership संबंधित Force या MHA के पास रहेगा। साथ ही equipment पर पांच साल का lock-in period प्रस्तावित है। इस अवधि के दौरान उसे बेचा या हटाया नहीं जा सकेगा।

21 अक्टूबर 2026 से परियोजना लागू करने का प्रस्ताव

दस्तावेज में Project KARAMVEER की commencement date 21 अक्टूबर 2026 बताई गई है। इसे 30 महीने तक यानी 20 अप्रैल 2029 तक चलाने का प्रस्ताव है। साइट तभी मंजूर होगी जब वहां reliable electricity, tested connectivity, lockable space और पर्याप्त public access जैसी जरूरी सुविधाएं मौजूद हों।

फिलहाल अंतिम चयन नहीं

CISF ने यह स्पष्ट किया है कि अभी यूनिटों से नाम और संभावित स्थान जुटाए जा रहे हैं। किसी नाम का भेजा जाना अंतिम selection नहीं माना जाएगा। अंतिम मंजूरी Force Headquarters, implementation guidelines, eligibility verification और suitable location उपलब्ध होने के बाद ही होगी।

DAE Kalpakkam यूनिट के 20 अक्टूबर 2026 के Office Memorandum में भी eligible retired personnel से अपना नाम और willingness certificate तत्काल जमा कराने को कहा गया है, ताकि इसे आगे उच्च मुख्यालय को भेजा जा सके।

कुल मिलाकर Project KARAMVEER CISF के पूर्व जवानों, शहीद और दिवंगत कर्मियों की वीरांगनाओं तथा अन्य पात्र आश्रितों को रोजगार और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण welfare initiative बन सकता है। हालांकि लाभार्थियों और सभी 35 CSC की अंतिम सूची संबंधित मंजूरी और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।

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Editorial Desk – News of Paramilitary

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