दिल्ली हाईकोर्ट से CRPF इंस्पेक्टरों को बड़ी राहत, 5400 ग्रेड पे मामले में सरकार की रिव्यू पिटीशन खारिज
नई दिल्ली: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के इंस्पेक्टरों के लिए 5400 रुपये ग्रेड पे से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने केंद्र सरकार और अन्य प्रतिवादियों की रिव्यू पिटीशन संख्या 300/2026 को खारिज कर दिया है। यह फैसला 25 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने सुनाया।
मामला ‘गजेंद्र सिंह एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य’ से जुड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में 10 मार्च 2025 के उस निर्देश को बरकरार रखा, जिसमें आईटीबीपी इंस्पेक्टर सुशील कुमार के मामले में दिए गए फैसले के अनुरूप तय मापदंड पूरा करने वाले CRPF इंस्पेक्टरों को वित्तीय लाभ देने पर विचार करने का निर्देश दिया गया था।
सरकार ने रिव्यू पिटीशन में क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता 29 अगस्त 2008 के छठे वेतन आयोग से संबंधित रिजॉल्यूशन के तहत किसी वित्तीय लाभ का दावा करने के हकदार नहीं हैं। सरकार की ओर से अपनी दलील के समर्थन में दिल्ली हाईकोर्ट के ‘रमेश चंद्र शर्मा बनाम भारत संघ एवं अन्य’ मामले का भी हवाला दिया गया।
वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंकुर छिब्बर ने ‘सुशील कुमार बनाम भारत संघ एवं अन्य’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मामले में दायर एसएलपी को खारिज कर चुका है।
हाईकोर्ट ने 10 मार्च 2025 के आदेश को बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके 10 मार्च 2025 के आदेश में सुशील कुमार के मामले में दिए गए फैसले को लागू करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही याचिका को ही अभ्यावेदन मानते हुए संबंधित अधिकारियों को पात्रता की जांच कर आठ सप्ताह के भीतर फैसला लेने के लिए कहा गया था।
इसी आधार पर अदालत ने सरकार की ओर से रिव्यू पिटीशन में उठाए गए तर्कों को स्वीकार नहीं किया और रिव्यू पिटीशन खारिज कर दी।
क्या है 4800 से 5400 ग्रेड पे का पूरा मामला?
यह विवाद मुख्य रूप से 2008 में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी प्रावधान से जुड़ा है। मामले में दावा किया जा रहा है कि 4800 रुपये के ग्रेड पे में चार साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को 5400 रुपये का ग्रेड पे दिए जाने का प्रावधान है।
CAPF में इंस्पेक्टर रैंक के कर्मचारियों का कहना है कि समान वेतनमान वाले केंद्र सरकार के अन्य विभागों में यह वित्तीय लाभ लागू किया गया, लेकिन CAPF के इंस्पेक्टरों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।
इसी मुद्दे को लेकर आईटीबीपी इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने अदालत का रुख किया था। उनके मामले में अदालतों से मिले फैसलों के बाद यह विवाद CAPF के अन्य बलों के कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था सुशील कुमार का मामला
सुशील कुमार के मामले में केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में भी एसएलपी दायर की गई थी। उपलब्ध मामले के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने उस चुनौती को खारिज कर दिया, जिसके बाद सुशील कुमार से जुड़े मामले को आगे की न्यायिक प्रक्रिया में अंतिम रूप मिला।
इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने CRPF इंस्पेक्टरों के मामले में भी सुशील कुमार के फैसले के अनुरूप पात्र कर्मचारियों के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया।
असम राइफल्स के मामले में भी आया था ऐसा फैसला
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने असम राइफल्स के सूबेदार नवीन कुमार के मामले में भी इसी तरह के मुद्दे पर फैसला दिया था। अदालत ने सुशील कुमार के मामले को आधार बनाते हुए कहा था कि समान परिस्थितियों वाले पात्र कर्मचारियों के मामले में भी उस फैसले के अनुरूप लाभ पर विचार किया जाना चाहिए।
असम राइफल्स में सूबेदार का पद अन्य CAPF में इंस्पेक्टर रैंक के समकक्ष माना जाता है। इसी आधार पर नवीन कुमार के 5400 रुपये ग्रेड पे से जुड़े दावे पर भी अदालत ने विचार किया था।
बीएसएफ इंस्पेक्टरों का मामला भी चर्चा में
5400 रुपये ग्रेड पे का मुद्दा केवल CRPF तक सीमित नहीं है। बीएसएफ के 129 इंस्पेक्टरों से जुड़ा मामला भी दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। हालांकि अदालत से राहत मिलने के बाद लाभ के क्रियान्वयन को लेकर बीएसएफ मुख्यालय की ओर से जारी स्पीकिंग ऑर्डर में अलग-अलग तर्क दिए जाने की बात सामने आई है।
यही वजह है कि CAPF के इंस्पेक्टरों के बीच 5400 रुपये ग्रेड पे और उससे जुड़े नॉन-फंक्शनल फाइनेंशियल अपग्रेडेशन (NFFU) का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है।
आगे क्या होगा?
CRPF इंस्पेक्टरों से जुड़े इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 25 सितंबर 2026 को रिव्यू पिटीशन खारिज किए जाने के बाद अब 10 मार्च 2025 के मूल आदेश की स्थिति बनी हुई है। हालांकि वास्तविक वित्तीय लाभ प्रत्येक कर्मचारी की पात्रता और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच/कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
यह फैसला उन CAPF कर्मियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो 4800 रुपये ग्रेड पे में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद 5400 रुपये ग्रेड पे से जुड़े वित्तीय लाभ का दावा कर रहे हैं।

