ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा, महिला डॉक्टर और BSF डिप्टी कमांडेंट से 10.59 लाख की साइबर ठगी
अंबाला सिटी। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने हरियाणा सरकार में कार्यरत एक महिला डॉक्टर और उनके BSF अधिकारी पति से 10 लाख 59 हजार रुपये ठग लिए। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात महिला श्रेया और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में अशोक विहार, अंबाला सिटी निवासी डॉ. बख़्शिन्दर कौर चौहान ने बताया कि वह पीएचसी नूरपुर में कार्यरत हैं। उनके पति डॉ. राजपाल सिंह BSF में डिप्टी कमांडेंट (मेडिकल ऑफिसर) के पद पर तैनात हैं।
शिकायत के मुताबिक, 25 अगस्त को डॉ. राजपाल के WhatsApp पर एक युवती का संदेश आया। उसने अपना नाम श्रेया बताते हुए दावा किया कि वह चंडीगढ़ के सेक्टर-15 में न्यू कंसल्टेंसी नाम से कंपनी चलाती है और इंटरनेशनल ट्रेडिंग करवाती है।
पहले छोटे मुनाफे से जीता भरोसा
आरोपियों ने पहले डॉ. राजपाल का ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया। 4 सितंबर को 10 हजार रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद खाते में 15 डॉलर का मुनाफा दिखाया गया। भरोसा बढ़ाने के लिए ठगों ने Telegram चैनल के जरिए 1,350 रुपये भी वापस भेजे।
इसके बाद 100 डॉलर की निकासी का अनुरोध करने पर करीब 9 हजार रुपये वापस भेज दिए गए। इस तरह आरोपियों ने दंपती का भरोसा कायम कर लिया।
पोर्टफोलियो बढ़ाने के नाम पर जमा करवाए लाखों रुपये
भरोसा बनने के बाद आरोपियों ने डॉ. बख़्शिन्दर कौर का भी ट्रेडिंग अकाउंट खुलवा दिया। अधिक मुनाफे और पोर्टफोलियो बढ़ाने का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में PhonePe और YONO ऐप के जरिए पैसे जमा करवाए गए।
शिकायत के अनुसार, दंपती से 1 लाख, 2 लाख और 5 लाख रुपये समेत कुल 10.59 लाख रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद आरोपियों ने और 10 से 15 लाख रुपये निवेश करने का दबाव बनाया। यहीं दंपती को ठगी का शक हुआ।
पैसे निकालने की कोशिश की तो गायब हुआ पूरा नेटवर्क
दंपती ने 11 सितंबर को अपने पैसे निकालने की रिक्वेस्ट डाली। आरोपियों ने वीकेंड का हवाला देकर इसे टाल दिया। दो दिन बाद जब दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई तो Telegram चैनल गायब मिला।
इसके साथ ही ट्रेडिंग वेबसाइट पर लॉगिन बंद हो गया और WhatsApp पर भी दंपती को ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी मनप्रीत सिंह के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस लेनदेन से जुड़े खातों और आरोपियों की पहचान की जांच कर रही है।

